
नगर निकायों की क्षमता संवर्धन तथा शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण हेतु संयुक्त पहल
दैनिक इंडिया न्यूज़,वाराणसी। देश में शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा नगर निकायों की प्रशासनिक एवं तकनीकी क्षमता के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत आवास एवं शहरी विकास निगम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी के मध्य सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह महत्वपूर्ण समझौता दिनांक बारह मार्च दो हजार छब्बीस को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर आवास एवं शहरी विकास निगम के क्षेत्रीय प्रमुख नरेश कुमार तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास संकायाध्यक्ष प्राध्यापक राजेश कुमार ने औपचारिक रूप से सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आवास एवं शहरी विकास निगम के संयुक्त महाप्रबंधक संजय कुमार तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्राध्यापक ई. वी. एस. किरण कुमार सहित वास्तुकला, नियोजन एवं अभिकल्प विभाग के अध्यक्ष डॉ. रबी नारायण मोहंती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आवास एवं शहरी विकास निगम भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन एक प्रतिष्ठित केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, जिसे नव रत्न का दर्जा प्राप्त है। यह संस्था देश में शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा सतत विकास की अवधारणा को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान करने वाली अग्रणी संस्थाओं में से एक मानी जाती है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों में से एक है, जो आधुनिक बहुविषयी प्रौद्योगिकी अनुसंधान तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रसिद्ध है। इसी परिप्रेक्ष्य में दोनों संस्थानों के मध्य यह सहमति ज्ञापन संपन्न किया गया है, जिसके अंतर्गत नगर निवेश प्रकोष्ठ पहल के माध्यम से नगर निकायों की क्षमता संवर्धन की व्यापक योजना को मूर्त रूप प्रदान किया जाएगा।
इस पहल के अंतर्गत नगर निकायों एवं महानगरपालिकाओं के अधिकारियों और कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी परामर्श, अनुसंधान गतिविधियाँ तथा शहरी आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न विषयों पर अध्ययन और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नगर प्रशासन को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, नवीन प्रबंधन पद्धतियों और प्रभावी योजना निर्माण की दक्षताओं से सुसज्जित करना है, जिससे शहरी विकास की प्रक्रिया अधिक संगठित, सुव्यवस्थित और टिकाऊ बन सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आवास एवं शहरी विकास निगम तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के मध्य स्थापित यह सहयोगात्मक पहल भविष्य में शहरी विकास की योजनाओं को अधिक वैज्ञानिक, समन्वित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह पहल विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी, जिससे देश के नगरों में आधारभूत संरचना, प्रशासनिक दक्षता और सतत विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकेंगे।
