“अंतरिक्ष–चेतना का प्रज्ज्वलन: इसरो निदेशक डॉ. निलेश एम. देसाई का संवाद बना विज्ञान–विकास का नया मार्गदर्शक”


दैनिक इंडिया न्यूज़, मऊ।जनपद मऊ का शिक्षा परिदृश्य उस क्षण गौरव से दीप्त हो उठा जब इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद के निदेशक डॉ. निलेश एम. देसाई ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय, धरौली (घोसी) में स्थापित डॉ. निलेश एम. देसाई अंतरिक्ष एवं STEM प्रयोगशाला का भव्य उद्घाटन किया। दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को ऐसे वैज्ञानिक उल्लास से भर दिया मानो समूचा वातावरण ज्ञान–कणों से स्पंदित हो उठा हो।

उद्घाटन उपरांत डॉ. देसाई ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और वहाँ उपस्थित बच्चों से अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रक्षेपण और भारत की अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अत्यंत रोचक बिंदुओं पर संवाद किया। बच्चों की जिज्ञासा और वैज्ञानिक प्रश्नों ने यह प्रमाणित किया कि ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभा की ज्वाला प्रज्वलित करने के लिए बस उचित अवसर की आवश्यकता होती है।

इसके पश्चात विद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में परिषदीय विद्यालयों के बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित हुए—मानो पूरा परिसर विज्ञान–दीक्षा का कोई विशाल अनुष्ठान बन गया हो। बच्चों द्वारा प्रदर्शित प्रेजेंटेशन देख डॉ. देसाई ने कहा कि STEM प्रयोगशालाएँ बच्चों में वैज्ञानिक चैतन्य को प्रबल करती हैं और उन्हें खोज, नवाचार तथा विश्लेषणात्मक क्षमता की ओर अग्रसर करती हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मातृभाषाएँ वैज्ञानिक समझ के विकास में अत्यंत कारगर होती हैं, और व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे भी एक साधारण ग्रामीण पाठशाला से ही इस ऊँचाई तक पहुँचे हैं।

विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के उपरांत डॉ. देसाई डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम पहुँचे, जहाँ “बाल संवाद” कार्यक्रम में लगभग 1500 छात्र-छात्राओं ने उनसे सीधा संवाद किया। बच्चों ने अंतरिक्ष मिशन, गगनयान, रॉकेट विज्ञान, ग्रह–नक्षत्रों तथा भारत के भविष्य के अभियानों पर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. देसाई ने अत्यंत सरल किन्तु प्रामाणिक उत्तर देकर उनके मन में विज्ञान का नया प्रकाश जगाया।

उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा—
“भारत को विश्व–व्यासपीठ पर अग्रणी राष्ट्र बनाने का मंत्र है—वैज्ञानिक चिंतन। आप बच्चे जितना अधिक विज्ञान की ओर बढ़ेंगे, उतना ही देश अंतरिक्ष के क्षितिज पर अपनी सर्वोच्च पहचान स्थापित करेगा।”

इस अवसर पर गगनयान यूनिट, अहमदाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक दीपक सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभवों से बच्चों को अनुसंधान, प्रयोगधर्मिता और वैज्ञानिक धैर्य का महत्व समझाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने इसरो के निदेशक और वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए कहा कि मऊ जनपद का यह परम सौभाग्य है कि यहाँ के बच्चों को देश के उच्चतम वैज्ञानिक–वर्ग का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नगर ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों की वैज्ञानिक दृष्टि को और सुदृढ़ किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने आश्वस्त किया कि मऊ के बच्चे भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान में अपनी अनूठी छाप अवश्य छोड़ेंगे।

इस अवसर पर वायोमिका फाउंडेशन के गोविंद जी, जिला समन्वयक अमित कुमार श्रीवास्तव, डी.सी. अनिल चौरसिया, आलोक सिंह, एस.आर.जी अरविंद पांडे, राकेश कनौजिया, सहेंद्र सिंह, गौरव कुमार राय, चंदन सिंह, दीनानाथ राय, पुनीत राय, विक्रांत, अरविंद श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का कुशल, संयत और प्रभावी संचालन राम सेवक राम द्वारा किया गया।

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