
संस्थान में 13 नए विभागों के विकास और वैदिक चिकित्सा पद्धति को शामिल करने पर हुई चर्चा

लखनऊ, दैनिक इंडिया न्यूज़। कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान, लखनऊ के नवनियुक्त निदेशक डॉ. एम.एल.बी. भट्ट की राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह से शिष्टाचार भेंट हुई। यह बैठक पूर्व जलशक्ति मंत्री के आवास पर संपन्न हुई, जहां कैंसर संस्थान के विकास, प्रशासनिक सुधारों और वैदिक चिकित्सा प्रणाली के समावेश पर विस्तृत विमर्श हुआ।
संस्थान के विस्तार को लेकर प्रतिबद्धता
डॉ. भट्ट, जो एक कुशल चिकित्सक होने के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता के लिए भी जाने जाते हैं, संस्थान में 13 नए विभागों की स्थापना को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष रुचि और मार्गदर्शन में संस्थान को देश के अग्रणी कैंसर चिकित्सा केंद्रों में शामिल करने के संकल्प को दोहराया। उनका ध्यान कैंसर उपचार को और अधिक उन्नत, सुलभ और प्रभावी बनाने पर केंद्रित है, जिसके लिए विभिन्न अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषीकृत विभागों की स्थापना की जा रही है।
संस्थान में संस्कृत श्लोकों और वैदिक चिकित्सा पद्धति को मिलेगा स्थान
बैठक के दौरान संस्थान में वेद, पुराण, सुश्रुत संहिता और चरक संहिता में उल्लिखित चिकित्सा संबंधी श्लोकों को प्रदर्शित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति अत्यंत प्रभावशाली और वैज्ञानिक रही है, जिसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ जोड़कर रोगियों को लाभान्वित किया जा सकता है।
इस पर सहमति व्यक्त करते हुए डॉ. भट्ट ने संस्थान में संस्कृत श्लोकों की पट्टिकाएं लगाने और वैदिक चिकित्सा पद्धति के सिद्धांतों को विशेष रूप से प्रदर्शित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का संकल्प
डॉ. भट्ट ने कहा कि वे संस्थान को एक वैश्विक स्तर के कैंसर अनुसंधान और उपचार केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके तहत, संस्थान में नई शोध परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, नवीनतम तकनीकों को अपनाया जाएगा और मरीजों को सर्वश्रेष्ठ उपचार देने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को और मजबूत किया जाएगा।
राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और संस्थान के विकास में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत की चिकित्सा परंपरा और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के समन्वय से कैंसर जैसे असाध्य रोगों के उपचार में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है।
संस्थान के आगामी कदम
- 13 नए विभागों की स्थापना – अत्याधुनिक कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार।
- संस्थान में संस्कृत श्लोकों की पट्टिका – चिकित्सा और आध्यात्मिकता का समन्वय।
- वैदिक चिकित्सा प्रणाली को प्रोत्साहन – आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का एकीकृत दृष्टिकोण।
- नवीनतम अनुसंधान केंद्र की स्थापना – कैंसर के उपचार में नवाचार को बढ़ावा।
यह बैठक कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की प्राचीन और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को एक साथ लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। डॉ. भट्ट के नेतृत्व में संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख कैंसर उपचार केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।