बाबू जगजीवन राम: सामाजिक समानता और शोषित वर्ग के अधिकारों के प्रतीक – प्रो. आद्या प्रसाद पाण्डेय

पंकज झा, दैनिक इंडिया न्यूज़, वाराणसी, 5 अप्रैल 2025। इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मणिपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पाण्डेय ने भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के 118वें जन्मदिवस पर संत रविदास जन्मस्थली, सीर में आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबू जगजीवन राम केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और शोषित वर्गों के अधिकारों के प्रतीक थे।

प्रो. पाण्डेय ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उन्हें मालवीय से और स्वतंत्रता संग्राम में गांधी से प्रेरणा मिली। एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर उन्होंने असाधारण कार्य किए। केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने कृषि और मिल मजदूरों के लिए कानून बनाए, हरित क्रांति की शुरुआत की, रेल मंत्री रहते हुए कई सुधार किए, और रक्षा मंत्री के रूप में 1971 के भारत-पाक युद्ध में निर्णायक जीत दिलाई, जिससे बांग्लादेश का निर्माण हुआ और पाकिस्तान की कमर टूट गई।

1977 में आपातकाल का विरोध करते हुए उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और लोकतांत्रिक कांग्रेस बनाकर देश सेवा जारी रखी। वे 40 वर्षों तक लोकसभा सदस्य और 30 वर्षों तक लगातार केंद्रीय मंत्री रहे, जो एक रिकॉर्ड है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महंत भारत भूषण ने कहा कि बाबू जगजीवन राम को उनके अद्वितीय योगदान के लिए भारत रत्न दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर देव भट्टाचार्य, त्यागी, पत्रकारिता विभाग के डॉ. बाला, वेद विभाग के डॉ. उदय, पूर्व प्राचार्य लक्ष्मण, और अर्जुन आर्य ने भी अपने विचार साझा किए।

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