भारत चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के 125 वर्ष पूरे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया उत्सव का शुभारंभ

कोलकाता | दैनिक इंडिया न्यूज़,भारत के औद्योगिक और व्यापारिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारत चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कोलकाता में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने “India@100 : An age of New Dawn” विषय पर चैम्बर को संबोधित किया।

अपने संबोधन में श्री बिरला ने कहा कि पश्चिम बंगाल की धरती शिक्षा, साहित्य, दर्शन, स्वतंत्रता संघर्ष और उद्योग के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि “बंगाल के दार्शनिकों और विचारकों ने भारत के विचारों को वैश्विक मंच पर पहुँचाने का कार्य किया है।”

लोकसभा अध्यक्ष ने भारत चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स की सराहना करते हुए कहा कि इसकी कार्यशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व से अन्य चैम्बर्स को प्रेरणा मिली है। उन्होंने स्मरण किया कि यह चैम्बर अपनी यात्रा की शुरुआत मारवाड़ी चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के रूप में की थी, और आज यह राष्ट्रीय विकास में कई आयाम स्थापित कर चुकी है।

भारत की तेज़ी से उभरती आर्थिक शक्ति का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने कहा, “आज पूरी दुनिया भारत में निवेश करना चाहती है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था विश्व को आकर्षित कर रही है, क्योंकि जहाँ लोकतंत्र होता है, वहाँ स्थायी और मजबूत शासन व्यवस्था होती है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नीतिगत फैसले बेहतर होते हैं और यह विकास का सशक्त आधार बनता है।

पर्यावरण और ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि “भारत क्लीन और ग्रीन एनर्जी का सबसे बड़ा हब बनने की दिशा में अग्रसर है। आने वाले समय में पर्यावरणीय और जलवायु संकट के बीच दुनिया को समाधान की राह दिखाने का कार्य भारत करेगा।”

महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ दशक पहले तक भारत की आधी आबादी कार्यबल में नहीं थी, लेकिन आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ भारत की महिलाएँ अपनी भागीदारी न निभा रही हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।”

समारोह में व्यापार जगत, उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के इतिहास, योगदान और भावी योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

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