
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली ।भारत की बेटियों ने क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए महिला विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को शानदार प्रदर्शन के साथ 52 रनों से परास्त कर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की।
टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन बनाए। भारत की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज़ों ने संयम और आक्रामकता का अद्भुत मिश्रण दिखाया। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाज़ों ने सटीक लाइन और लेंथ से खेल को अपने नियंत्रण में रखा।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। क्रिकेट मैदान पर भारत की बेटियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब खेल का हर मैदान “नारी शक्ति” की पहचान बनेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने टीम इंडिया को और विशेष रूप से भारतीय नारी शक्ति को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक खेल की जीत नहीं, बल्कि भारत की नारी शक्ति के उत्थान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। आने वाला 21वां सदी नारी शक्ति का युग होगा — यह विश्व कप उसकी दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है।”
उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के गौरव, शक्ति और संस्कृति की विजय बताते हुए नारी योद्धाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि आज भारत की हर बेटी को गर्व है कि उन्होंने विश्व मंच पर तिरंगा लहराया है।
