
महाकुंभ से 3 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान सभा में अपने संबोधन के दौरान प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, और इसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने 2022 से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध कार्य शुरू किया है।
उत्तर प्रदेश बना देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मात्र 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में 27.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रभावी प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
महाकुंभ-2025 से 3 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक वृद्धि
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ-2025 को प्रदेश के आर्थिक विकास से जोड़ते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन से 3 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय उद्योगों को लाभ मिलेगा।
औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष जोर
40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ
फरवरी 2023 में आयोजित UP Global Investors Summit में उत्तर प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे लगभग 60 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर के माध्यम से 2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अब तक 96,000 युवा लाभान्वित हुए हैं।
बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विकास
उत्तर प्रदेश बना एक्सप्रेसवे का हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे राज्य के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में 7 प्रमुख एक्सप्रेसवे प्रदेश में संचालित हो रहे हैं, जिनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे प्रमुख हैं।
- उत्तर प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 2,500 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
- राज्य के 12 हवाई अड्डे संचालित हैं, और 9 नए हवाई अड्डों पर कार्य प्रगति पर है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
- उत्तर प्रदेश पुलिस में 20% महिला आरक्षण अनिवार्य किया गया।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
- कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 20 लाख से अधिक बेटियों को लाभ मिला है।
कृषि और गन्ना किसानों के लिए विशेष योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार देश का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बन चुका है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
- गन्ना किसानों को 10 दिन के भीतर भुगतान किया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 2.60 करोड़ किसानों को अब तक 62,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
- फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बड़े निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को बाजार की सुविधा मिलेगी।
डिजिटल क्रांति और वित्तीय अनुशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो 44% से बढ़कर 60% से अधिक हो गया है। यानी प्रदेश की आर्थिक संपदा अब प्रदेश के विकास में ही लगाई जा रही है।
- जनधन योजना के तहत लाखों नए बैंक खाते खुले हैं, जिससे गरीबों की बचत क्षमता बढ़ी है।
- डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार किया गया है।
- प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत 1.5 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है।
- 100 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है, जिससे चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।
- बेसिक शिक्षा विभाग में 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है।
राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।
- प्रदेश को एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए ODOP (One District One Product) योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- महाकुंभ-2025 को अंतरराष्ट्रीय आयोजन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संबोधन से स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार और डिजिटल क्रांति के माध्यम से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। महाकुंभ-2025 और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर होगा।