
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ 27 मार्च: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में युवाओं को लगभग 8.5 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि ईमानदार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण प्रदेश में सरकारी नियुक्तियां तेजी से पूरी हो रही हैं।

मुख्यमंत्री लोक भवन में आयोजित मिशन रोजगार कार्यक्रम में आयुष विभाग और गृह विभाग के अंतर्गत 283 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इनमें आयुष विभाग में 163 चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद), 2 उपाचार्य (आयुर्वेद), 19 प्रोफेसर (होम्योपैथी), 3 प्रवक्ता (होम्योपैथी) और विधि विज्ञान प्रयोगशाला में 96 कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायकों की भर्ती शामिल थी।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगते थे, जिससे मामले वर्षों तक न्यायालयों में लंबित रहते थे। लेकिन अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यदि नियुक्तियां शुचितापूर्वक न होतीं, तो इनमें से कोई भी भर्ती समय पर पूरी नहीं हो पाती।

आयुष चिकित्सा को बढ़ावा, हेल्थ टूरिज्म की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, योग, यूनानी, नेचुरोपैथी और होम्योपैथी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लखनऊ और पीलीभीत में आयुष निर्माण शालाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि 15 जनपदों में 50 शैय्या वाले इंटीग्रेटेड आयुष चिकित्सालयों का संचालन शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1,034 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जा रहा है, जबकि 225 आयुष चिकित्सालयों में योग एवं वेलनेस सेंटर भी शुरू किए गए हैं। सरकार हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आयुष पद्धति के केंद्रों का विकास कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कानूनी सुधार और फॉरेंसिक साइंस में निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के तहत विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं (एफएसएल) की भूमिका और अधिक बढ़ गई है। पहले प्रदेश में केवल 4 एफएसएल लैब थीं, लेकिन अब 12 प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं और 6 नई प्रयोगशालाओं का निर्माण जारी है। सरकार का लक्ष्य हर रेंज स्तर पर एफएसएल लैब स्थापित करना है, जिससे जांच प्रक्रिया तेज हो सके।
उत्तर प्रदेश बना निवेश और रोजगार का हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में 60,200 पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है, जबकि शिक्षकों सहित अन्य विभागों में भी नियुक्तियां तेजी से हो रही हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवा नवीन अरोड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।