

दैनिक इंडिया न्यूज़,अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठित कलश का पूजन विधिवत अनुष्ठान के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, व्यवस्था प्रभारी गोपालराव, प्रकल्प प्रमुख जगदीश शंकर आफले सहित एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीराम नवमी मेले की तैयारियों के बीच इस पूजन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पूजन मंदिर के शिखर की आध्यात्मिक एवं वास्तुशास्त्रीय पूर्णता का प्रतीक है। वैदिक विधियों से संपन्न इस पूजन में संस्कृतभारतीन्यास अवधप्रांत के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सनातन महासंघ के पदाधिकारी और जिला प्रचारक अयोध्या सुदीप तिवारी भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान बालक राम के दिव्य एवं आलौकिक स्वरूप के दर्शन किए तथा आशीर्वाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य माना।
मंदिर के शिखर का पूजन हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखता है। शास्त्रों के अनुसार, मंदिर का शिखर ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र होता है, जो भक्तों के लिए ईश्वरीय आशीर्वाद का स्रोत बनता है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का शिखर अपने दिव्य स्वरूप और भव्यता के साथ श्रद्धालुओं के लिए एक अनुपम आध्यात्मिक अनुभव प्रस्तुत कर रहा है।
इस पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह और राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र सिंह ने शिखर दर्शन और भगवान श्रीराम के चरण कमल के दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ अनुभव किया। उन्होंने महासचिव चंपत राय को इस ऐतिहासिक क्षण का सहभागी बनने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और शुभकामनाएं अर्पित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की कृपा से वे निरंतर धर्म एवं राष्ट्र उत्थान के मार्ग पर अग्रसर रहें।
राष्ट्रीय सनातन महासंघ, संस्कृत भारती, मंदिर ट्रस्ट एवं अयोध्या के महासचिव चंपत राय के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रहरी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को उनके अथक प्रयासों और समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नमन किया गया। इन सभी के सहयोग से यह दिव्य कार्य संपन्न हुआ, जो संपूर्ण राष्ट्र के लिए एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण का संदेश है।
इस ऐतिहासिक अवसर ने अयोध्या की आध्यात्मिक आभा को और भी बढ़ा दिया है। जैसे-जैसे मंदिर निर्माण कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति का प्रवाह भी तीव्र हो रहा है। श्रीराम नवमी के मेले में श्रद्धालुओं का महासंगम देखने को मिलेगा, जहां वे भगवान श्रीराम के चरण कमल का दर्शन कर अपने जीवन को धन्य करेंगे।