
दैनिक इंडिया न्यूज़ मऊ।जनपद में संचालित विकासात्मक उपक्रमों की प्रगति एवं प्रभावशीलता का सम्यक् परीक्षण करते हुए जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड आधारित मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का बिंदुवार परीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसंतोष ही प्रशासनिक दक्षता का परम मानदंड है, और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी।

आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान ‘डी’ ग्रेड प्राप्त होने तथा असंतुष्ट फीडबैक की अधिकता पर जिलाधिकारी ने तीव्र असंतोष व्यक्त किया। विशेष रूप से विकास विभाग के अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर असंतुष्ट प्रतिपुष्टि की संख्या अधिक पाई गई। कृषि, पंचायती राज, जल निगम (ग्रामीण), श्रम, बेसिक शिक्षा, नगर विकास तथा ग्राम्य विकास विभागों में भी अपेक्षाकृत संतोषजनक प्रगति न होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कठोर चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण की आख्या का स्वयं परीक्षण करें तथा शिकायतकर्ताओं से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करें।
विभिन्न योजनाओं की ग्रेडिंग समीक्षा में भी अपेक्षित प्रगति का अभाव परिलक्षित हुआ। अतिरिक्त ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना तथा ग्राम विकास विभाग की डे-एनआरएलएम योजना ‘सी’ ग्रेड, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना एवं फैमिली आईडी ‘बी’ ग्रेड, पिछड़ा वर्ग कल्याण की शादी अनुदान योजना ‘सी’ ग्रेड, महिला एवं बाल विकास के पोषण अभियान तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओडीओपी टूल किट योजना ‘डी’ ग्रेड, तथा समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना ‘बी’ ग्रेड में पाई गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विशेष कार्ययोजना बनाकर ग्रेडिंग में त्वरित सुधार किया जाए, जिससे जनपद को विकास रैंकिंग में शीर्ष दस में स्थान प्राप्त हो सके।
पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना की रैंकिंग में उन्नयन हेतु उन्होंने परियोजना अधिकारी नेडा को प्रतिदिन न्यूनतम दस से अधिक नवीन संयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों में विलंब पर उन्होंने अधिशासी अभियंता के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जननी सुरक्षा योजना के शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित करने तथा दिव्यांग एवं विधवा पेंशन के लंबित प्रकरणों का समयसीमा के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान कार्ड निर्माण की मंथर प्रगति पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि कोटेदारों के माध्यम से व्यापक अभियान चलाकर प्रगति में तीव्रता लाई जाए। सामाजिक वनीकरण की समीक्षा के दौरान जिन विभागों द्वारा सफलता प्रतिशत की आख्या प्रेषित नहीं की गई थी, उन्हें तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी को विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा विभाग को विद्यालय निरीक्षण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने की स्पष्ट हिदायत दी गई।
निराश्रित गोवंश संरक्षण की समीक्षा करते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गोआश्रयों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित ग्राम पंचायत की शासकीय भूमि पर हरे चारे की अनिवार्य व्यवस्था की जाए। कन्या सुमंगला योजना की प्रभावशीलता बढ़ाने हेतु चिकित्सा, बेसिक शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वित प्रयास कर प्रथम पुत्री जन्म एवं कक्षा एक में प्रवेश के उपरांत पात्र लाभार्थियों को योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुख प्रशासन ही जनविश्वास का आधार है। उन्होंने समस्त विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने हेतु सक्रिय, समन्वित और लक्ष्य-केंद्रित प्रयास सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी उमेश चंद तिवारी सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
