सोमनाथ मंदिर स्वाभिमान पर्व: आस्था, अस्मिता और राष्ट्रचेतना का विराट उत्सव


दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। सोमनाथ मंदिर की सहस्राब्दी स्मृति तथा उसके ऐतिहासिक पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर सोमनाथ मंदिर स्वाभिमान पर्व के रूप में भारतीय जनता पार्टी, लखनऊ महानगर द्वारा आस्था, स्वाभिमान और राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन-अर्चन कर भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त की।


इस क्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह ने विराम खंड–2 स्थित चारों धाम मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से दर्शन-पूजन किया, जबकि भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने सुजानपुर कैंट स्थित प्राचीन अमरनाथ मंदिर एवं हनुमान मंदिर में विधिपूर्वक आराधना कर सनातन परंपरा को नमन किया।


दर्शन-पूजन के उपरांत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि वर्ष 1951 में पुनर्निर्माण के पश्चात सोमनाथ मंदिर राष्ट्र को समर्पित किया गया था और उस ऐतिहासिक क्षण की 75वीं वर्षगांठ को माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि भारत की उस जीवंत सभ्यता का प्रतीक है, जिसने आक्रमणों, विध्वंस और दमन के बावजूद अपनी सांस्कृतिक आत्मा को अक्षुण्ण बनाए रखा। सोमनाथ हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की चेतना न कभी टूटी है और न कभी झुकी है।


महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर पहला भीषण आक्रमण हुआ था। इसके पश्चात शताब्दियों तक उस पर बार-बार हमले किए गए, किंतु भारत की आस्था, जनमानस की श्रद्धा और राष्ट्र के दृढ़ संकल्प ने प्रत्येक विध्वंस के बाद पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन असंख्य वीरों, साधकों और श्रद्धालुओं को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों, धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय अस्मिता से कोई समझौता नहीं किया।


उन्होंने आगे कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक स्थापत्य नहीं, बल्कि भारत की अविचल आत्मा, सनातन धर्म की अक्षय धारा और राष्ट्र के आत्मसम्मान का शाश्वत प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से नई पीढ़ी को यह संदेश देना आवश्यक है कि हमारी आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण का आधार है।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत, मंदिर परंपरा और सनातन मूल्यों की रक्षा एवं संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से लखनऊ महानगर में यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रसारित हुआ कि भारत की आत्मा अजेय है और उसका स्वाभिमान अक्षुण्ण है।

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