
मेजर जनरल डॉ. अजय देवगन बने कुलपति, प्रबुद्ध चिकित्सीय वर्ग में हर्ष की लहर

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। सेंट्रल कमांड के पूर्व सेनानायक, मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन ने विश्वविद्यालय के कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालते ही चिकित्सा जगत, प्रशासनिक विभागों तथा प्रबुद्ध समाज में उत्साह, विश्वास और आशा का वातावरण व्याप्त हो गया है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलपति पद की जिम्मेदारी डॉ. संजीव मिश्र के पास थी, जिनके कार्यकाल को विश्वविद्यालय के संस्थागत सुदृढ़ीकरण, शैक्षणिक विस्तार और अकादमिक प्रतिष्ठा के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा। डॉ. मिश्र के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने जिस प्रकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की, वह आने वाले समय में भी प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
डॉ. संजीव मिश्र के पश्चात अब मेजर जनरल डॉ. अजय देवगन जैसे अनुशासन, पेशेवर उत्कृष्टता और रणनीतिक दूरदृष्टि से परिपूर्ण व्यक्तित्व का नेतृत्व मिलना विश्वविद्यालय के लिए एक स्वर्णिम अवसर के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा सेवाओं में उनके दीर्घ अनुभव, संगठनात्मक दक्षता और निर्णय क्षमता को देखते हुए यह विश्वास प्रकट किया जा रहा है कि वे विश्वविद्यालय को नवीन आयामों और वैश्विक मानकों की ओर अग्रसर करेंगे।
कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर उन्हें बधाइयों और शुभकामनाओं का क्रम निरंतर जारी है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष एवं संस्कृत भारती, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख, जितेंद्र प्रताप सिंह ने मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन को हार्दिक बधाई एवं शुभेच्छाएं प्रेषित कीं।
जितेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संदेश में कहा कि“अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय को मेजर जनरल डॉ. अजय देवगन के रूप में एक ऐसा नेतृत्व प्राप्त हुआ है, जिसमें अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा की भावना का अद्भुत समन्वय है। यह विश्वविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने में डॉ. देवगन का नेतृत्व मील का पत्थर सिद्ध होगा। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थानों का सशक्त होना अनिवार्य है और इस दिशा में ऐसा नेतृत्व अत्यंत आवश्यक है।
प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि जिस प्रकार डॉ. संजीव मिश्र ने विश्वविद्यालय को स्थिरता और ऊंचाई प्रदान की, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. अमित देवगन अपने रक्षा अनुभव, प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शी सोच से विश्वविद्यालय को एक नई दिशा और नई ऊर्जा देंगे।
कुल मिलाकर, अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय को मिला यह नेतृत्व परिवर्तन केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा और समाज के उत्थान की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
