

गीतांजलि लॉन, विकासनगर में हुआ भव्य आयोजन, विशाल भंडारे में गणमान्य अतिथियों ने की शिरकत

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। पूज्य सिंधी पंचायत, अलीगंज-विकासनगर के तत्वावधान में 24 मार्च 2025 को विकासनगर स्थित गीतांजलि लॉन में भगवान झूलेलाल जयंती का भव्य आयोजन किया गया। यह पर्व चेटीचंड महोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिसे सिंधी समाज अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक के रूप में उत्साहपूर्वक मनाता है।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गौरव


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धर्मगुरु शहजादा मोहन साईं लाल, विधान परिषद सभापति एवं MLC पवन सिंह चौहान तथा लखनऊ पूर्व से विधायक ओ. पी. श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
इसके अलावा, विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह देवड़ी, लोहिया नगर के पार्षद राकेश मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश गुप्ता और आशुतोष मिश्रा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भगवान झूलेलाल: सिंधी समाज के आराध्य और धर्मसंरक्षक

भगवान झूलेलाल को सिंधी समाज अपने रक्षक और धर्मसंरक्षक के रूप में पूजता है। मान्यता है कि 10वीं शताब्दी में सिंध के मिर्खशाह शासक द्वारा हिंदुओं पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था, तब भगवान झूलेलाल ने प्रकट होकर समाज को संकट से उबारा। उन्होंने समाज को एकजुट रहने, धार्मिक सहिष्णुता बनाए रखने और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। इसी कारण सिंधी समाज हर वर्ष झूलेलाल जयंती को चेटीचंड महोत्सव के रूप में भव्य रूप से मनाता है।
इस दिन समाज के लोग विशेष रूप से ‘बहिराणा साहिब’ की पूजा करते हैं, जिसमें जल से भरा कलश, गेहूं, नारियल और दीपक रखकर आरती की जाती है। यह पूजा जल, जीवन और सत्य के प्रति समाज की श्रद्धा को दर्शाती है।
स्व. दिनेश जीवानी: सिंधी समाज की एकता के प्रेरणास्रोत

लखनऊ के प्रतिष्ठित व्यवसायी स्व. दिनेश जीवानी न केवल व्यापार जगत में सम्मानित हस्ती थे, बल्कि उन्होंने सिंधी समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने झूलेलाल जयंती को भव्य रूप से मनाने की परंपरा को सुदृढ़ किया और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए सतत प्रयास किए।
उनका मानना था कि “संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करना ही समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।” उन्होंने अपने जीवनकाल में भगवान झूलेलाल के संदेशों को फैलाने और समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने का कार्य किया।
2024 में उनके असामयिक निधन से सिंधी समाज को गहरा आघात पहुंचा, लेकिन उनके परिवार और सहयोगियों ने उनके द्वारा स्थापित परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। महामंत्री चरण आहूजा, उमेश भाटिया, आनंद जीवानी, राजेश सोमानी और खुशाल रूपेजा ने आयोजन को भव्य रूप देने में विशेष योगदान दिया।
भव्य भंडारे में श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद
भगवान झूलेलाल की पूजा-अर्चना के बाद भजन संध्या, पारंपरिक नृत्य और झूलेलाल जी के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर भगवान झूलेलाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।
सिंधी समाज की एकता और संस्कृति का प्रतीक बना यह आयोजन
इस अवसर पर MLC पवन सिंह चौहान ने सिंधी समाज की एकता और योगदान की सराहना करते हुए कहा, “सिंधी समाज ने अपने परिश्रम और संस्कृति के प्रति समर्पण से एक अलग पहचान बनाई है। भगवान झूलेलाल के आदर्श हमें सत्य, प्रेम और सहिष्णुता का मार्ग दिखाते हैं।”
झूलेलाल जयंती का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि सिंधी समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। स्व. दिनेश जीवानी द्वारा रोपा गया एकता और श्रद्धा का पौधा अब वटवृक्ष बन चुका है, और उनका सपना समाज के सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा है।