विजयादशमी पर शस्त्र पूजन में नीरज सिंह का राष्ट्रधर्म का उद्घोष

दैनिक इंडिया न्यूज़, प्रयागराज।प्रयागराज की ऐतिहासिक धरती पर विजयादशमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय महाराणा प्रताप सेवा संस्थान द्वारा आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में ऐसा माहौल बना जिसने हर किसी को गर्व और उत्साह से भर दिया।

मंच पर जब युवा नेतृत्व नीरज सिंह ने कदम रखा तो वातावरण में अचानक जोश की लहर दौड़ गई। उनका हर शब्द तलवार की धार की तरह गूंजता रहा और भीड़ बार-बार जयकारों से गरज उठी। यह महज भाषण नहीं था, बल्कि विचारों की वह आग थी जिसने उपस्थित हर श्रोता को भीतर तक झकझोर दिया।

नीरज सिंह ने स्पष्ट कहा कि शस्त्र केवल धातु का टुकड़ा नहीं, यह धर्म की रक्षा, साहस और न्याय का प्रतीक है। शक्ति तभी पवित्र है जब वह अन्याय को मिटाने और लोककल्याण के लिए उठे। यह वाक्य सुनते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

उनके स्वर में परंपरा की गहराई और भविष्य की झलक साफ दिखाई दे रही थी। जब उन्होंने भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें पुरुषोत्तम इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने शक्ति के साथ धर्म और न्याय को भी साधा, तो श्रोता निश्चल होकर सुनते रह गए। यह क्षण मानो युगों से चली आ रही मर्यादा और आदर्श का साक्षात स्मरण बन गया।

इस आयोजन में मौजूद सेवा संस्थान के संरक्षक हरिनारायण सिंह, पूर्व अध्यक्ष अभिषेक सिंह सोनू और पूर्व विधायक प्रशांत सिंह जैसे गणमान्य लोग भी नीरज सिंह की ओजस्वी वाणी से प्रभावित नज़र आए। साफ दिखाई दे रहा था कि नीरज सिंह अब केवल मंच पर खड़े एक युवा नहीं रहे, बल्कि जनमानस के दिल में उतर चुके हैं।

पत्रकार की दृष्टि से देखा जाए तो यह कार्यक्रम नीरज सिंह की राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय साबित हो सकता है। उनकी बातों में वह आत्मविश्वास और दृष्टि दिखाई दी जो भविष्य के नेता की पहचान होती है। समर्थकों की आँखों में चमक और भीड़ का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि जनता अब उन्हें केवल श्रोता नहीं, बल्कि अपना मार्गदर्शक मानने लगी है।

विजयादशमी पर हुआ यह शस्त्र पूजन किसी साधारण परंपरा का निर्वाह नहीं था। यह उस भविष्य की दस्तक थी जिसमें नीरज सिंह जैसे युवा नेता राष्ट्रधर्म, संस्कृति और न्याय की रक्षा की मशाल अपने हाथ में थामकर आगे बढ़ते दिखाई देंगे।

Share it via Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *