
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। लखनऊ–दिल्ली रूट पर चलने वाली लक्ष्मी हॉलीडेज बस सेवा यात्रियों के निशाने पर है। लगातार बढ़ रही शिकायतों ने कंपनी की कार्यशैली और स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का आरोप है कि लक्ष्मी हॉलीडेज के कर्मचारी न सिर्फ असभ्य और बद्तमीज़ हैं, बल्कि संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की खुली धज्जियाँ उड़ाते हैं।
यात्रियों के अनुसार कंपनी द्वारा बताए गए बोर्डिंग पॉइंट और वास्तविक पिकअप स्थान में इतना अंतर होता है कि यात्रियों को आधा किलोमीटर तक दौड़ाया जाता है। कई शिकायतों में यह आरोप भी सामने आया है कि बस चालक और स्टाफ चलते हुए वाहन में यात्रियों को चढ़ने के लिए मजबूर करते हैं—जो कि रोड सेफ्टी नियमों के लिए सीधी चुनौती है।
यात्रियों का कहना है कि यह तरीका किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। “अगर कोई बुजुर्ग गिर जाए तो सीधे अस्पताल पहुंच जाएगा, और महिलाएँ तो इस स्थिति में सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करती हैं,” यात्रियों ने कहा।
इसी दौरान कई यात्रियों ने बताया कि स्टाफ फोन नहीं उठाता, गलत जानकारी देता है, और कई बार यात्रियों को बीच रास्ते छोड़ देने जैसी संवेदनहीन हरकतें भी सामने आई हैं। ऐसे व्यवहार से यात्रियों में भारी रोष है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि जब यात्रियों की सुरक्षा खतरे में हो, स्टाफ बदसलूकी करे, और संचालन अव्यवस्थित हो—तो क्या प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है? यात्रियों का कहना है कि इतनी शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होना बेहद चिंताजनक है। लक्ष्मी हॉलीडेज की सेवाओं, स्टाफ की कार्यशैली और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की तुरंत और कड़ी जांच कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और कंपनी पर नियामकीय शिकंजा कस सके।
बढ़ते विरोध के बीच अब सवाल जनता का है—क्या प्रशासन अब भी सोता रहेगा?
