
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।बसंत पंचमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ एवं वारियर्स डिफेंस अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में मां सरस्वती के विधिवत पूजन-अर्चन का कार्यक्रम श्रद्धा, गरिमा और वैदिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार से गुंजित परिसर में जैसे ही ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी का आवाहन हुआ, उपस्थित जनसमुदाय ने एकात्म चेतना और सांस्कृतिक गौरव का सजीव अनुभव किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सनातन महासंघ के कार्यकर्ता, वारियर्स डिफेंस अकादमी के शिक्षक, कर्मचारी तथा अनुशासित विद्यार्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने आयोजन को सार्थकता प्रदान की।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने बसंत पंचमी के महात्म्य पर ओजस्वी उद्बोधन देते हुए समस्त राष्ट्र को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन में निहित ज्ञान, विवेक और सृजनशीलता के पुनर्जागरण का महापर्व है। मां सरस्वती की उपासना हमें अज्ञान, जड़ता और नैतिक शून्यता से मुक्त कर सद्बुद्धि, अनुशासन और संस्कार के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।
अपने संबोधन में श्री सिंह ने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि जब ज्ञान संस्कार से जुड़ता है, तभी वह राष्ट्र निर्माण की शक्ति बनता है। उन्होंने गुरुजनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा नहीं देते, वे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में वैचारिक चेतना का संचार होता है और राष्ट्रीय चरित्र सुदृढ़ होता है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने मां सरस्वती के चरणों में नमन करते हुए यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में ज्ञान, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म को सर्वोच्च स्थान देंगे। बसंत पंचमी का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि समाज और राष्ट्र के बौद्धिक व नैतिक उत्थान की दिशा में एक प्रेरक संदेश बनकर जनमानस में गहराई तक उतर गया।इस अवसर पर वारियर्स डिफेंस अकेडमी के निदेशक गुलाब सिंह, सैकड़ों छात्र – छात्राएं,संकाय सदस्यों ने पूजन अर्चन हवन कीर्तन कर धार्मिक आयोजन मे सहभागिता कर सनातन व राष्ट्र प्रेम के प्रति समर्पण भाव की प्रस्तुति की। राष्ट्रीय सनातन महासंघ अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने समस्त सहभागियों के प्रति सम्मान सहित आभार व्यक्त किआ तथा बसंत पंचमी के शुभावसर पर पुनः शुभकामनाए ज्ञापित की।
