आर्थिक विपन्नता से जूझ रहे परिवार को मिली संबल की राह, चार पुत्रियों के भविष्य के लिए आगे आया समाज


दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ।गोमती नगर के विनय खण्ड–3 निवासी श्रीमती गीता यादव, जिनके पति का पूर्व में असामयिक निधन हो चुका है, आज चार पुत्रियों के साथ जीवन-संघर्ष की कठोर वास्तविकताओं का सामना कर रही हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक दुरवस्था के मध्य वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनकी दो पुत्रियाँ स्नातक स्तर पर अध्ययनरत हैं, एक पुत्री ने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर लिया है, किंतु वित्तीय अभाव के कारण उसकी उच्च शिक्षा अवरुद्ध हो गई है। सर्वाधिक कनिष्ठ पुत्री, जिसकी आयु मात्र 16 वर्ष है, प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है। वर्तमान परिस्थितियों ने परिवार के समक्ष शिक्षा, सुरक्षा एवं सामाजिक स्थैर्य का गंभीर प्रश्न उपस्थित कर दिया है।


दिनांक 13 फरवरी 2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग की “स्पॉन्सरशिप योजना” के अंतर्गत उक्त परिवार को योजनागत प्रावधानों की विस्तृत एवं औपचारिक जानकारी प्रदान की गई। इस योजना के तहत अल्पवयस्क पुत्री को प्रतिमाह ₹4000 की आर्थिक सहायता प्राप्त होने की संभावना है। साथ ही, श्रीमती गीता यादव को ₹1000 प्रतिमाह की विधवा पेंशन योजना से आच्छादित किया जाना प्रस्तावित है। दोनों योजनाओं के आवेदन-पत्र उन्हें उपलब्ध कराए गए तथा आवश्यक अभिलेखों की सूची और प्रक्रिया का सम्यक् मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। प्रपत्रों की पूर्ति एवं विधिवत् प्रस्तुति के उपरांत शीघ्रातिशीघ्र लाभ सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया गया है।


सेवा भारती पूर्व की मातृ मंडल की समर्पित सदस्याएँ निकट भविष्य में श्रीमती यादव के निवास पर पहुँचकर पारिवारिक स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी। विशेषतः जिस पुत्री की शिक्षा आर्थिक अभाववश स्थगित हो गई है, उसकी पुनः शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु सर्वतोमुखी सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह पहल केवल एक परिवार के उत्थान का प्रयास नहीं, अपितु सामाजिक उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता एवं सामूहिक दायित्व-बोध का प्रेरक उदाहरण है, जो यह प्रतिपादित करता है कि संगठित समाज किसी भी विपन्न परिस्थिति को आशा और अवसर में रूपांतरित करने की क्षमता रखता है।

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