
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित एसकेडी एकेडमी के सभागार में आयोजित “बजट चौपाल” कार्यक्रम उस वैचारिक संवाद का सशक्त मंच सिद्ध हुआ, जहाँ लोकनीति और जनआकांक्षा का सजीव समन्वय प्रत्यक्ष हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोएडा से विधायक पंकज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को अभिव्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के बजट प्रावधानों का विशद विवेचन किया तथा उसे जनकल्याण, आत्मनिर्भरता और समावेशी उन्नति का दिग्दर्शक दस्तावेज बताया। चौपाल में महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी एवं पश्चिम विधानसभा उपविजेता अंजनी श्रीवास्तव की विशिष्ट उपस्थिति रही।

अपने उद्बोधन में पंकज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़, निर्णयात्मक नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट मात्र आय-व्यय का संकलन नहीं, अपितु राष्ट्र के आत्मविश्वास, स्थैर्य और दीर्घकालिक सुशासन की दार्शनिक अभिव्यक्ति है। यह बजट नीतिगत स्पष्टता, वित्तीय अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता का त्रिवेणी-संगम है, जो विकास को केवल परिमाण में नहीं, बल्कि गुणात्मक उत्कर्ष में परिणत करता है।
उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश आज तीव्र आर्थिक त्वरण का पर्याय बन चुका है। प्रति व्यक्ति आय में सतत वृद्धि, लगभग छह करोड़ नागरिकों का बहुआयामी निर्धनता से उन्मुक्त होना तथा बेरोज़गारी दर का लगभग 2.24 प्रतिशत तक सीमित हो जाना—ये तथ्यों की निर्जीव पंक्तियाँ नहीं, बल्कि जनजीवन में संपन्न हुए संरचनात्मक रूपांतरण के जीवंत प्रमाण हैं। सुशासन-सुधारों की संस्थागत सुदृढ़ता, आधारभूत संरचना के अभूतपूर्व विस्तार, लक्षित कल्याणकारी उपक्रमों की प्रभावशीलता और निवेश-अनुकूल परिवेश की सृष्टि ने प्रदेश को अवसर, औद्योगिक प्रगति और उद्यमशीलता की उर्वरा भूमि में रूपांतरित कर दिया है।
पंकज सिंह ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपनी चुनौतियों के आख्यान से नहीं, बल्कि उपलब्धियों के आलोक से पहचाना जा रहा है। यहाँ का युवा संभावनाओं का आकाश निहारता है, उद्यमी निवेश की निर्भीक संभावनाएँ देखता है और सामान्य नागरिक विकास की सहभागिता में अपना स्वाभिमान अनुभव करता है। यह परिवर्तन आकस्मिक नहीं, बल्कि नीति-संगत, लक्ष्य-निष्ठ और परिणामोन्मुख शासन का प्रतिफल है।
कार्यक्रम के अंत में मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग ने जानकारी दी कि बजट संवाद में व्यापारी, चिकित्सक, अभियंता, शिक्षक तथा विविध सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी उल्लेखनीय संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही महामंत्री राम अवतार कनौजिया, घनश्याम अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष दीप प्रकाश, सोमेंद्र पांडे, विमल चौधरी, संदीप तिवारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर इसे वैचारिक ऊर्जा से संपन्न किया।
“बजट चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा—वह लोकमत और लोकनीति के मध्य सेतु का कार्य करता हुआ, विकसित भारत के महाव्रत की सामूहिक पुनर्पुष्टि का साक्षी बन गया।
