
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। राजधानी की प्रतिष्ठित देव रेजीडेंसी कॉलोनी में होली के पावन पर्व पर परम्परा, सौहार्द और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कॉलोनी निवासियों ने अत्यंत उल्लास, आत्मीयता और सामूहिक सहभागिता के साथ भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया। रंग, रस और उमंग से परिपूर्ण इस आयोजन में जहां एक ओर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सजीवता ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं दूसरी ओर स्वादिष्ट व्यंजनों की सुवास और आत्मीय मिलन ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ से ही ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो संपूर्ण कॉलोनी एक विशाल परिवार में परिवर्तित हो गई हो।

इस अवसर पर माननीय उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक बाजपेयी के ओजस्वी, प्रेरक और हृदयस्पर्शी उद्बोधन ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। उनके शब्दों में केवल बौद्धिक गहराई ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत समन्वय भी झलक रहा था। उनके विचारों ने उपस्थित जनसमूह को न केवल भावविभोर किया, बल्कि होली के वास्तविक संदेश—प्रेम, एकता और आत्मीयता—को भी सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।

समारोह का सांस्कृतिक आयाम भी अत्यंत आकर्षक और जीवंत रहा। कॉलोनी के बच्चों और निवासियों द्वारा प्रस्तुत मनोहारी कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उत्सवधर्मी बना दिया।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में यशवीर शरण श्रीवास्तव, शिवानंद कुशवाहा तथा राकेश प्रसाद का मधुर और भावपूर्ण गायन विशेष रूप से सराहा गया, जिसने श्रोताओं को देर तक झूमने पर विवश कर दिया। वहीं आलोक सिंह के कुशल, प्रभावपूर्ण और सजीव मंच संचालन ने पूरे आयोजन को सुचारु एवं रोचक बनाए रखा।

महिला प्रतिभागियों की सजीव और मनमोहक प्रस्तुतियों ने भी समारोह में चार चांद लगा दिए। श्रीमती रजनी श्रीवास्तव, श्रीमती सुजाता चौरसिया, रिंकी उपाध्याय, अलका पांडेय, पूनम श्रीवास्तव,अंजू तिवारी, श्रीमती ऋतु तिवारी तथा सुमनलता गौड़ सहित अन्य प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य और मनोरंजक डम्ब चैराड्स (मूक अभिनय) ने दर्शकों को आनंदित और रोमांचित कर दिया।
उनकी अभिव्यक्ति, ताल और उत्साह ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक उत्कृष्टता के उच्च शिखर तक पहुंचा दिया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण किया गया, जिसके साथ ही यह भव्य आयोजन अपनी मधुर स्मृतियों के साथ सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि यह संपूर्ण समारोह कॉलोनी के आदरणीय वरिष्ठजन गिरधर गोपाल श्रीवास्तव (बड़े भैया) के स्नेहिल संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिनकी प्रेरणा और आत्मीय नेतृत्व ने इस आयोजन को एक पारिवारिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।

देव रेजीडेंसी का यह होली मिलन समारोह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, पारस्परिक स्नेह और सामूहिक उत्सवधर्मिता का ऐसा जीवंत उदाहरण बन गया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक लोगों के हृदय में उल्लास के रंग घोलती रहेंगी।
