परमवीर राष्ट्रनायक जनरल बिपिन रावत के जन्मदिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि, राष्ट्रहित में उनका योगदान अविस्मरणीय

राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा— उनका पराक्रम और राष्ट्रनिष्ठा सदैव प्रेरणा देती रहेगी

दैनिक इंडिया न्यूज़ नई दिल्ली। देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ, अदम्य साहस और अनुपम राष्ट्रभक्ति के प्रतीक Bipin Rawat के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष Jitendra Pratap Singh ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए भावपूर्ण नमन किया।


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं थे, अपितु वे राष्ट्रस्वाभिमान, पराक्रम और अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा के साक्षात प्रतीक थे। उनकी सैन्य दूरदर्शिता, रणनीतिक कौशल तथा मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण ने भारतीय सशस्त्र बलों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नई प्रतिष्ठा और सुदृढ़ता प्रदान की।


उन्होंने कहा कि जनरल रावत का संपूर्ण जीवन राष्ट्ररक्षा के पावन व्रत के प्रति समर्पित रहा। सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आधुनिक सैन्य संरचना के निर्माण तक, उनकी दूरगामी नीतियों और दृढ़ संकल्प ने भारतीय सेना को अधिक सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का व्यक्तित्व त्याग, तप, साहस और अनुशासन की ऐसी अनुपम गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बनी रहेगी। उनका जीवन इस सत्य का प्रतीक है कि जब कोई सैनिक राष्ट्रधर्म को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मान लेता है, तब उसका प्रत्येक कर्म मातृभूमि की महिमा को और अधिक गौरवशाली बना देता है।


उन्होंने आगे कहा कि भारतवर्ष की अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए जनरल बिपिन रावत द्वारा किए गए अद्वितीय योगदान को राष्ट्र कभी विस्मृत नहीं कर सकता। उनका अदम्य साहस और राष्ट्रनिष्ठा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और स्वाभिमान का विषय है।
अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्र सदैव इस महान सेनानी के प्रति कृतज्ञ रहेगा और उनका जीवन, उनके विचार तथा उनका पराक्रम आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

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