
दैनिक इंडिया न्यूज़, मधुबन।श्री संकट मोचन दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्री हनुमान चालीसा महायज्ञ एवं श्री हनुमंत कथा के छठे दिवस का दृश्य श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा। व्यास पीठ से कथा व्यास पूज्य विश्वंभर जी ने जब मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और जनकनंदिनी माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया, तो सम्पूर्ण कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। उनके मुखारविंद से निकले शब्दों ने न केवल श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि उन्हें उस युगीन दिव्यता का साक्षात् अनुभव कराने में भी सफल रहे, जहां धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का अद्वितीय संगम दृष्टिगोचर होता है।
कथा के मध्य प्रस्तुत भजनों की मधुर लहरियों और राम-जानकी विवाह प्रसंग की जीवंत व्याख्या ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को स्पंदित कर दिया। जैसे ही समिति द्वारा भगवान श्रीराम के विवाह की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, पूरा वातावरण उल्लास और श्रद्धा से गूंज उठा। प्रभु श्रीराम रथ पर सवार होकर ढोल-नगाड़ों की गूंजती ध्वनियों और उल्लसित बरातियों के साथ जब कथा मंडप में पधारे, तो वह दृश्य किसी दिव्य लोक के उत्सव का आभास करा रहा था। तत्पश्चात माता सीता के साथ विधिवत वैवाहिक संस्कार संपन्न हुआ, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंजायमान हो गया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ घोसी के चेयरमैन श्री मुन्ना गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री श्री सचिंद्र सिंह तथा पूर्व ग्राम प्रधान श्री अजय गुप्ता द्वारा विधिवत पूजन एवं आरती के साथ किया गया।
आयोजन में श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता रही, जिसमें श्री अनिल मिश्रा, श्री संतोष जायसवाल, श्री अमित कुमार गुप्ता, श्री विष्णु श्रीवास्तव, श्री स्वप्निल, श्री रितेश, श्री लकी गुप्ता, श्री सोनू, श्री विशु, श्री राजकुमार, श्री उत्कर्ष, श्री हिमांशु, श्री धनंजय, श्री कार्तिकेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं भक्तगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक एकात्मता का भी सशक्त संदेश प्रसारित किया।
