आहार, विचार और अनुशासन — स्वास्थ्य की त्रिसूत्री-श्याम उपाध्य


दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ।स्वास्थ्य की यात्रा तब निर्णायक मोड़ लेती है, जब मनुष्य यह स्वीकार करता है कि उसका जीवन केवल परिस्थितियों का परिणाम नहीं, बल्कि उसके चुनावों का प्रतिफल है। आहार, विचार और अनुशासन—ये तीन ऐसे मौन निर्णय हैं, जो प्रतिदिन लिए जाते हैं और धीरे-धीरे जीवन की दिशा तय कर देते हैं। समग्र स्वास्थ्य की दृष्टि में यही त्रिसूत्री शरीर और चेतना के बीच सेतु का कार्य करती है।
आहार यहाँ केवल पेट भरने की प्रक्रिया नहीं है। आधुनिक विज्ञान अब यह स्वीकार करता है कि भोजन का प्रभाव केवल पाचन तंत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली, भावनात्मक स्थिरता और निर्णय-क्षमता को भी प्रभावित करता है। असंतुलित आहार मन को चंचल और शरीर को सुस्त बनाता है, जबकि सात्त्विक और संतुलित आहार मन में स्पष्टता और शरीर में स्थायित्व उत्पन्न करता है। यह कोई धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि न्यूरोकेमिस्ट्री का प्रत्यक्ष निष्कर्ष है।
विचार—स्वास्थ्य का सबसे उपेक्षित, किंतु सबसे शक्तिशाली आयाम हैं। मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही उसका शरीर प्रतिक्रिया देता है। निरंतर नकारात्मक चिंतन शरीर को सर्वाइवल मोड में डाल देता है, जहाँ ऊर्जा संरक्षण के नाम पर रोग जन्म लेते हैं। इसके विपरीत अर्थपूर्ण, सकारात्मक और संयमित विचार शरीर में उपचारात्मक प्रक्रियाओं को सक्रिय करते हैं। यही कारण है कि ध्यान और आत्मचिंतन को आज चिकित्सा-सहायक पद्धति के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
अनुशासन को प्रायः कठोरता के रूप में देखा जाता है, जबकि वास्तविक अनुशासन आत्म-करुणा का सर्वोच्च रूप है। समय पर सोना, सीमित बोलना, आवश्यकता से अधिक न खाना और अनावश्यक तनाव से दूरी बनाना—ये सभी अनुशासन नहीं, बल्कि आत्म-संरक्षण के उपाय हैं। Holistic Life Mentor व्यक्ति को यही सिखाता है कि अनुशासन जीवन को संकुचित नहीं, बल्कि सुरक्षित और दीर्घायु बनाता है।
जब आहार शुद्ध होता है, विचार संतुलित होते हैं और दिनचर्या मर्यादित होती है, तब स्वास्थ्य कोई लक्ष्य नहीं रह जाता—वह जीवन की स्वाभाविक अवस्था बन जाता है। यही सर्वोत्तम स्वास्थ्य है—जहाँ शरीर बोझ नहीं, साधन बनता है; मन समस्या नहीं, समाधान बनता है।
इस बिंदु पर जीवन केवल जीने की प्रक्रिया नहीं रहता, बल्कि एक सुसंस्कृत साधना बन जाता है। और यही वह क्षण है, जहाँ समग्र स्वास्थ्य जीवन-दर्शन का रूप ले लेता है।

Share it via Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *