बाल्मीकि जयंती पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

दैनिक इंडिया न्यूज़,नई दिल्ली।महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं ज्ञापित की हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि न केवल आदिकवि थे, बल्कि भारतीय संस्कृति में आदर्श चरित्र, सत्य, धर्म और मानवता के प्रतीक हैं।

श्री सिंह ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन यह सिखाता है कि परिवर्तन ही जीवन का सार है। उन्होंने अपनी तपस्या और लेखनी से समाज को दिशा देने का कार्य किया। महर्षि वाल्मीकि ने 24 अक्षरों वाले गायत्री मंत्र का गूढ़ अर्थ अपने 24,000 श्लोकों के माध्यम से विस्तारपूर्वक व्याख्यायित किया। कहा जाता है कि उन्होंने प्रत्येक अक्षर को 1,000 श्लोकों के माध्यम से समझाया और इस प्रकार रामायण को एक जीवंत गायत्री मंत्र का रूप प्रदान किया — जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन का प्रत्येक आयाम धर्म, सत्य और करुणा के स्वरूप में उजागर होता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि “महर्षि वाल्मीकि ने न केवल महाकाव्य की रचना की, बल्कि उन्होंने भारतीय समाज को यह सिखाया कि हर व्यक्ति अपने कर्म, आस्था और साधना से महर्षि बन सकता है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि इस अवसर पर हम सभी समाज में समानता, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संकल्प लें। यही महर्षि वाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Share it via Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *