
“विधायक योगेश शुक्ला का संकल्प—विकास अब प्रतीक्षा नहीं, प्रत्यक्ष अनुभव है”

“बीकेटी में आधारभूत संरचना का नवयुग: जनआस्था को मिला सशक्त नेतृत्व का संबल”
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। राजधानी के तीव्र गति से विकसित होते पूर्वी क्षेत्र में आज वह ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ, जिसकी प्रतीक्षा क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। मल्हौर से किसान पथ को लौलाई मार्ग के माध्यम से जोड़ने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर स्थित खर्जा नहर के संकरे एवं जर्जर पुल के स्थान पर 18 मीटर चौड़ाई वाले दो भव्य, सुदृढ़ एवं अत्याधुनिक पुलों के निर्माण का विधिवत शिलान्यास संपन्न हुआ।
यह केवल एक परियोजना का प्रारंभ नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अवसंरचना के नवोदय का उद्घोष है, जिसने विकास की गति को एक नए आयाम से जोड़ दिया है।कार्यक्रम का प्रारंभ अत्यंत गरिमामयी वातावरण में हुआ, जहाँ मंच पर सर्वप्रथम उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार बाजपेई ने अपने ओजस्वी शब्दों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह का आवाहन करते हुए विधायक योगेश शुक्ला को माल्यार्पण कर मंच पर आमंत्रित किया। यह क्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनविश्वास और नेतृत्व के मध्य उस आत्मीय सेतु का प्रतीक था, जो लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति को प्रतिबिंबित करता है।
मंचासीन होने के उपरांत विधायक योगेश शुक्ला ने अपने संबोधन में जिस आत्मीयता, दृढ़ता और संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने पूरे वातावरण को भावनात्मक ऊष्मा से परिपूर्ण कर दिया। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को यह आश्वासन दिया कि “आपकी हर समस्या, हर संकट और आपके प्रत्येक सुख-दुख में हम कंधे से कंधा मिलाकर सदैव आपके साथ खड़े रहेंगे।” उनके इस हृदयस्पर्शी वक्तव्य ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट ने उनके प्रति जनसमर्थन की सशक्त अभिव्यक्ति कर दी।
विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह रहा कि इस जनोपस्थिति में महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा अधिक रही, जो न केवल सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विकास की इस यात्रा में नारी शक्ति की सहभागिता कितनी सशक्त और निर्णायक बन चुकी है। यह दृश्य अपने आप में उस बदलते सामाजिक परिदृश्य का द्योतक था, जहाँ महिलाएँ अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि परिवर्तन की सक्रिय सहभागी हैं।
इस महत्त्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास विधायक योगेश शुक्ला के कर-कमलों द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन के साथ संपन्न हुआ। उनके सतत प्रयासों, दूरदर्शी सोच और जनसमर्पित कार्यशैली का ही परिणाम है कि वर्षों से लंबित यह आवश्यकता आज साकार रूप लेती दिखाई दे रही है। यह पहल न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजन, अधिवक्ता, अभियंता, प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न कॉलोनियों के सम्मानित नागरिकों ने इस पहल को “विकास का स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए इसे जनआकांक्षाओं की सार्थक परिणति माना। देव रेजीडेंसी, ईशानिका स्टेट, श्री एनक्लेव, जजेस कॉलोनी एवं माधव ग्रीन सहित विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के निवासियों में इस परियोजना को लेकर विशेष उत्साह एवं संतोष परिलक्षित हुआ—मानो वर्षों की प्रतीक्षा को आज मूर्त रूप मिल गया हो।
शासन द्वारा लगभग 18 करोड़ रुपये की स्वीकृत धनराशि इस परियोजना की महत्ता एवं प्राथमिकता को स्वतः प्रमाणित करती है। यह निवेश केवल पुल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास, सुगम यातायात और सुरक्षित भविष्य की ठोस आधारशिला है।
कार्यक्रम का समापन गरिमामयी एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। संपूर्ण आयोजन में अनुशासन, सौहार्द और जनसहभागिता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसने इस अवसर को और भी विशिष्ट बना दिया।
निस्संदेह, यह शिलान्यास केवल एक परियोजना का प्रारंभ नहीं, बल्कि जनविश्वास, नेतृत्व और विकास के त्रिवेणी संगम का सजीव उदाहरण है। इस अवसर पर अली खान तथा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार बाजपेई सहित नगरवासियों ने विधायक योगेश शुक्ला के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ अर्पित कीं। साथ ही, देव रेजीडेंसी एवं ईशानिका स्टेट से विनोद गौड़, गिरधर गोपाल श्रीवास्तव, अशोक बाजपेई, सचिन श्रीवास्तव, मन्जय गौड़, चंद्रभान यादव तथा श्री एनक्लेव, जजेस कॉलोनी एवं माधव ग्रीन के निवासियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक गौरवपूर्ण एवं स्मरणीय बना दिया।
