
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ, 06 अप्रैल 2026। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर राजधानी के राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में सोमवार को ऐसा दृश्य साकार हुआ, जिसने संगठन की आत्मा—उसके कर्मयोगी कार्यकर्ताओं—को केंद्र में स्थापित कर दिया। “गौरव सम्मान समारोह” के अंतर्गत जनसंघ काल से लेकर भाजपा की वैचारिक यात्रा को अपने श्रम, संघर्ष और समर्पण से सिंचित करने वाले 300 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया गया। समारोह में प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह तथा संयोजक युवा नेता श्री नीरज सिंह ने केसरिया अंगवस्त्र, सम्मान-वस्त्र एवं साहित्य भेंट कर इन पुरोधाओं को वंदन किया—यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि संगठन की आत्मा के प्रति कृतज्ञता का उत्कट प्रकटीकरण था।

कार्यक्रम का वातावरण वैचारिक ऊर्जा से अनुप्राणित था। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं के समक्ष समूह छायाचित्र के माध्यम से उस गौरवगाथा को पुनर्जीवित किया, जिसने भारतीय राजनीति को राष्ट्रवाद, अंत्योदय और सुशासन के सिद्धांतों से आलोकित किया। साथ ही, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों—श्री राजनाथ सिंह, श्री कलराज मिश्र, श्री विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, श्री केशव प्रसाद मौर्य, श्री स्वतंत्र देव सिंह और श्री भूपेंद्र सिंह चौधरी—के संदेशों का एलईडी माध्यम से प्रसारण, अतीत और वर्तमान के सेतु का सजीव प्रतीक बन गया।

अपने ओजस्वी संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि वह वैचारिक तीर्थ है, जहां से ‘एक देश, एक विधान’ का संकल्प, ‘अंत्योदय’ का दर्शन और ‘सुशासन’ की परिकल्पना निरंतर प्रेरणा देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “गौरव सम्मान” केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह उद्घोष है कि भाजपा में कार्यकर्ता ही सर्वोपरि है—वही संगठन की धुरी, वही उसकी जीवंत चेतना।
उन्होंने जिन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, उन्हें “कर्मयोगी” की संज्ञा देते हुए कहा कि इनका तप, त्याग और संघर्ष ही वह बीज है, जो आज एक विराट वटवृक्ष बनकर राष्ट्रसेवा का विस्तार कर रहा है। यह वही पीढ़ी है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी वैचारिक प्रतिबद्धता को अक्षुण्ण रखा—जब सत्ता दूर थी, जब संघर्ष सड़कों पर था और जब विचारधारा की कीमत लाठियों से चुकानी पड़ती थी। ऐसे तपस्वियों का योगदान संगठन के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
श्री चौधरी ने भाजपा की यात्रा को संघर्ष से शिखर तक की अनुपम गाथा बताते हुए स्मरण कराया कि कभी मात्र दो लोकसभा सीटों से आरंभ हुई यह यात्रा आज देश की सबसे विश्वसनीय राजनीतिक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित है। उन्होंने कहा कि केंद्र में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार और अनेक राज्यों में सशक्त उपस्थिति, किसी एक क्षण का चमत्कार नहीं, बल्कि पीढ़ियों के समर्पण, संगठन की साधना और लाखों कार्यकर्ताओं के परिश्रम का प्रतिफल है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाजपा कथनी और करनी के द्वैत से परे एक ऐसी राजनीतिक शक्ति है, जहां विचार और व्यवहार में समरसता ही उसकी पहचान है। यही कारण है कि पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक संगठन के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ता ही संगठन की वास्तविक पूंजी होता है—वह प्रत्यक्ष राजनीति में सक्रिय हो या न हो, उसकी विचारशक्ति और सामाजिक संवाद संगठन को निरंतर सुदृढ़ करते रहते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा को एक परिवार की संज्ञा देते हुए कहा कि वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन संगठन की दिशा निर्धारित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने निरंतर पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनके अनुभवों से संगठन को सशक्त बनाने का प्रयास किया है। यह परंपरा ही भाजपा को अन्य दलों से विशिष्ट बनाती है।
श्री चौधरी ने कार्यकर्ताओं को राष्ट्रवादी विचारधारा का संवाहक बताते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता केवल राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि वह राष्ट्र को सर्वोपरि मानने वाला, सेवा को राजनीति से ऊपर रखने वाला और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को अपना ध्येय मानने वाला साधक है। यही कार्यकर्ता सरकार और जनता के बीच सुदृढ़ सेतु बनकर योजनाओं को जन-जन तक और जनभावनाओं को शासन तक पहुंचाता है।
उन्होंने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी संरचनाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है—गांव-गांव तक सड़क, बिजली, जल, गरीबों को आवास, महिलाओं को सुरक्षा-सम्मान और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। यह केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि जनजीवन में आया वास्तविक, प्रत्यक्ष और व्यापक परिवर्तन है।
कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय है कि संगठन की विचारधारा, सरकार की उपलब्धियां और जनकल्याणकारी योजनाएं घर-घर तक पहुंचें। भाजपा को केवल सदस्य नहीं, बल्कि जागरूक, प्रशिक्षित, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और पूर्णतः समर्पित कार्यकर्ता चाहिए—क्योंकि जागृत कार्यकर्ता ही सशक्त संगठन का आधार होता है और सशक्त संगठन ही विजय का मार्ग प्रशस्त करता है।
समारोह के समापन अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री नीरज सिंह ने अपने संक्षिप्त किंतु सारगर्भित उद्बोधन में आयोजन की भावभूमि को स्पष्ट करते हुए कहा कि “गौरव सम्मान समारोह” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संगठन की तपःपरंपरा को नमन करने का सजीव प्रयास है। उन्होंने कहा कि जिन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी विचारधारा की ज्योति को प्रज्वलित रखा, उन्हीं के संकल्प और साधना का प्रतिफल आज भाजपा की विराटता के रूप में परिलक्षित हो रहा है। श्री सिंह ने रेखांकित किया कि इस कार्यक्रम की भव्यता और दिव्यता, संगठन के प्रति कार्यकर्ताओं की अगाध श्रद्धा और सामूहिक समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी वरिष्ठजनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन से ही संगठन निरंतर नई ऊंचाइयों को स्पर्श कर रहा है। अंत में उन्होंने सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इसी प्रकार की एकजुटता, अनुशासन और वैचारिक प्रतिबद्धता के बल पर भाजपा आगामी समय में भी राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर रहती हुई नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
