जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक संपन्नलंबित ऋण आवेदनों पर जताई कड़ी नाराजगी, संबंधित शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश


दैनिक इंडिया न्यूज, मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बंधु की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित औद्योगिक योजनाओं, निवेश प्रस्तावों तथा बैंक ऋण वितरण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त उद्योग ने अवगत कराया कि जनपद में निवेश प्रस्तावों के अंतर्गत कुल 151 इंटेंट के एमओयू हस्ताक्षरित हुए थे, जिनमें से 61 प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 998 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इनमें से 46 इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ हो चुका है, जबकि एक अन्य इकाई में इसी माह उत्पादन शुरू होने की संभावना है।


विभागीय योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष जनपद को कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 238 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 238.13 लाख रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका है। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण मार्जिन मनी योजना में 99 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 101.50 लाख रुपये का ऋण वितरण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत 2000 के लक्ष्य में से 1800 की पूर्ति कर ली गई है। जिलाधिकारी ने शेष लक्ष्य आगामी माह के प्रथम सप्ताह में पूर्ण करने के निर्देश दिए।


एनएच-29 स्थित बढुवा गोदाम औद्योगिक क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिम दिशा में सायफन निर्माण से उत्पन्न समस्या के संदर्भ में कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि ने कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त उद्योग को संयुक्त रूप से स्थलीय जांच करने के निर्देश दिए।


कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की समीक्षा में लगभग 200 इकाइयों के सापेक्ष केवल 38 पंजीकरण होने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और सहायक श्रम आयुक्त को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। बी-9 औद्योगिक क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहे 33,000 वोल्ट के विद्युत पोल के स्थानांतरण की कार्रवाई पूर्ण होने की सूचना अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग द्वारा दी गई, जिस पर जिलाधिकारी ने सत्यापन के निर्देश दिए।
औद्योगिक क्षेत्र शहादतपुर की मुख्य सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग ब्रिक्स लगाने के संबंध में नगर पालिका परिषद के प्रतिनिधि ने बताया कि प्राक्कलन तैयार हो चुका है और शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।


अवैध रूप से मंडी शुल्क की मांग के प्रकरण पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को अपर जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर त्वरित निस्तारण करने को कहा। व्यापारियों द्वारा मासिक किस्त के पुनर्निर्धारण की मांग पर लीड बैंक मैनेजर को संबंधित शाखाओं का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


पीएमएफएमई योजना की समीक्षा में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि 330 आवेदनों पर ऋण वितरण किया जा चुका है, जबकि 80 प्रकरण विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। लंबित, विशेषकर दीर्घकालीन प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को संबंधित शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा बड़ी योजनाओं से संबंधित लंबित मामलों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


जिलाधिकारी ने जनपद के उद्यमियों से उद्योगोन्मुख वातावरण सुदृढ़ करने में सक्रिय सहयोग की अपील की तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र की समीक्षा में अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग ने बताया कि क्षमता वृद्धि एवं नए फीडर के लिए प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है। ट्रिपिंग की समस्या पर जिलाधिकारी ने विस्तृत लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा नए विद्युत उपकेंद्र स्थापना में आ रही बाधाओं से अवगत कराने के निर्देश दिए, जिससे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


बैठक में उपायुक्त उद्योग राजेश रोमन, जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

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