इंदिरा नगर में सौहार्द और सांस्कृतिक उल्लास का अनुपम समागमअरुणिमा वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में संपन्न हुआ भव्य होली मिलन समारोह

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ। राजधानी के इंदिरा नगर क्षेत्र का सांस्कृतिक परिवेश उस समय उल्लास और आत्मीयता से आलोकित हो उठा, जब सेक्टर तेरह में अरुणिमा वेलफेयर फाउंडेशन के सौजन्य से भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन संपन्न हुआ।

रंग, उल्लास और आत्मीयता से परिपूर्ण इस समारोह ने उपस्थित जनसमूह को केवल उत्सव का आनंद ही नहीं दिया, बल्कि सामाजिक समरसता और पारस्परिक सद्भाव की उस भावभूमि से भी परिचित कराया, जिसकी पहचान भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की आत्मा मानी जाती है। समारोह का वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो विविध सामाजिक वर्गों की भावनाएँ एक ही सूत्र में पिरोकर एक विराट आत्मीय परिवार का स्वरूप धारण कर चुकी हों।

कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धामय वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण और राधा के दिव्य स्वरूप पर माल्यार्पण तथा गुलाल अर्पित कर किया गया। इस पावन अनुष्ठान का निर्वहन पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश श्रीवास्तव द्वारा किया गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण और राधा के चरणों में गुलाल अर्पित हुआ, वैसे ही वातावरण में भक्तिभाव, आनंद और उत्सव की अलौकिक अनुभूति व्याप्त हो उठी। उस क्षण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ब्रज की पावन परंपरा का सजीव प्रतिबिंब राजधानी की इस धरती पर साकार हो उठा हो।

समारोह का संचालन और आयोजन अरुणिमा वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष सुमिता तिवारी के मार्गदर्शन में अत्यंत सुव्यवस्थित और गरिमामय रूप में संपन्न हुआ। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आत्मीय स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय पर्व-परंपराएँ केवल उत्सव का माध्यम नहीं होतीं, अपितु वे समाज को एक सूत्र में जोड़ने, परस्पर स्नेह और सौहार्द को सुदृढ़ करने तथा मानवीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने का सशक्त संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग की व्यस्तताओं के मध्य जब लोग एक ही स्थान पर एकत्र होकर उत्सव का सामूहिक आनंद लेते हैं, तब वह क्षण केवल उल्लास का नहीं, बल्कि सामाजिक आत्मीयता के पुनर्स्मरण का भी अवसर बन जाता है।

उनके उद्बोधन के पश्चात समारोह का वातावरण और अधिक जीवंत हो उठा। उपस्थित जनसमूह ने परस्पर गुलाल अर्पित कर होली की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। हर्षोल्लास और आत्मीयता के रंगों से परिपूर्ण यह आयोजन धीरे-धीरे सामाजिक समन्वय और सांस्कृतिक एकात्मता के एक विराट उत्सव में परिवर्तित हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो रंगों के माध्यम से हृदयों के मध्य विद्यमान सभी दूरियाँ स्वतः ही लुप्त होती जा रही हों और उनके स्थान पर स्नेह, विश्वास और अपनत्व की नई कड़ियाँ जुड़ती चली जा रही हों।


समारोह में सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को और अधिक उन्नत कर दिया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, इंदिरा नगर की पार्षद पूजा जैसवानी, सुमन सिंह मनराल, ए.के. सेठ, वीरेंद्र पांडे, के.बी. सिंह सहित महानगर संगठन के अनेक पदाधिकारी तथा समाज के प्रबुद्ध और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल उत्सव का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज को एकजुट रखने वाली उस सांस्कृतिक चेतना के सशक्त स्तंभ भी होते हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी भारतीय जीवन मूल्यों को जीवंत बनाए रखते हैं।

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