रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरित मार्ग का लोकार्पण कर राजधानी को प्रदान की नवीन गति

समतामूलक चौराहे पर फीता काटकर द्वितीय चरण जनसाधारण को समर्पित, झूलेलाल वाटिका में तृतीय तथा चतुर्थ चरण का शिलान्यास — लाखों नागरिकों को प्राप्त होगा प्रत्यक्ष लाभ

हरेंद्र सिंह , दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।राजधानी लखनऊ ने आज विकास की एक ऐतिहासिक, गौरवपूर्ण तथा स्मरणीय घड़ी का साक्षात्कार किया, जब देश के रक्षा मंत्री तथा लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समतामूलक चौराहे पर विधिवत फीता काटकर गोमती तट के किनारे निर्मित हरित मार्ग के द्वितीय चरण को जनसाधारण को समर्पित किया।

यह अवसर केवल एक मार्ग के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, अपितु राजधानी के भावी विकास, सुगम आवागमन तथा उन्नत नगरीय संरचना की एक नवीन दिशा के उद्घोष के रूप में भी प्रतिध्वनित हुआ।


इसके उपरांत झूलेलाल वाटिका में आयोजित भव्य समारोह में लगभग पंद्रह सौ उन्नीस करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तृतीय तथा चतुर्थ चरण का भी विधिवत शिलान्यास संपन्न किया गया। गोमती नदी के दोनों तटों पर विकसित हो रहा यह हरित मार्ग राजधानी की आर्थिक सक्रियता, यातायात व्यवस्था तथा पर्यावरणीय संतुलन को नवीन ऊर्जा प्रदान करने वाला एक महत्त्वपूर्ण आधारभूत निर्माण सिद्ध होने जा रहा है।


समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सुदृढ़ शासन व्यवस्था ही विकास की स्थायी नींव होती है। उन्होंने कहा कि दृढ़ और अनुशासित प्रशासन केवल अव्यवस्था और अराजकता का उन्मूलन करने का माध्यम नहीं होता, बल्कि वही प्रगति के लिए नई संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करता है। जब शासन स्पष्ट संकल्प, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ता है, तब विकास की गति स्वाभाविक रूप से तीव्र हो जाती है।


रक्षा मंत्री ने अपने उद्बोधन में लखनऊ की बढ़ती सामरिक महत्ता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह नगर अब केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाला एक महत्त्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। अत्याधुनिक प्रक्षेपास्त्र तथा वायुयान प्रौद्योगिकी से संबंधित अनेक महत्त्वपूर्ण गतिविधियाँ अब लखनऊ में स्थापित की जा रही हैं, जिससे यह नगर देश की सामरिक शक्ति के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट उपस्थिति सुदृढ़ कर रहा है।


उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी सामरिक क्षमता के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी राष्ट्र आतंकवाद के माध्यम से भारत की संप्रभुता को चुनौती देने का दुस्साहस करेगा तो उसे कठोर और प्रभावी उत्तर दिया जाएगा। आधुनिक तकनीकी सामर्थ्य तथा रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में लखनऊ की भूमिका निरंतर सुदृढ़ हो रही है और यह नगर राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है।


रक्षा मंत्री ने लखनऊ और कानपुर के मध्य निर्मित हो रहे द्रुतगामी मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मार्ग शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहा है। इसके प्रारंभ होने के पश्चात दोनों महानगरों के मध्य की दूरी लगभग पैंतीस से चालीस मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे औद्योगिक, व्यापारिक तथा सामाजिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।


उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू होने के पश्चात अब वह स्थिति समाप्त हो चुकी है जब लोग गोमती नदी में कचरा प्रवाहित कर देते थे। उन्होंने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ को देश के प्रमुख नगरों में तृतीय स्थान प्राप्त होना सम्पूर्ण नगर के लिए गौरव का विषय है।


रक्षा मंत्री ने कहा कि डालीगंज पुल से समतामूलक चौक तक लगभग सात किलोमीटर लंबे इस हरित मार्ग के प्रारंभ होने से लगभग पंद्रह लाख नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना की विशेषता यह है कि इसमें नागरिक क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र दोनों ने समन्वित रूप से कार्य किया है। रक्षा भूमि के समुचित उपयोग तथा प्रशासनिक समन्वय के कारण यह निर्माण समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सका।


उन्होंने आगे बताया कि आगामी चरण में इस मार्ग का विस्तार समतामूलक चौक से शहीद पथ तक लगभग दस किलोमीटर तक किया जाएगा। इससे शहीद पथ और किसान पथ जैसे महत्त्वपूर्ण परिपथ मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे राजधानी में यातायात अवरोध की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और नागरिकों का बहुमूल्य समय भी सुरक्षित रहेगा।


पर्यावरणीय संतुलन का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी वृक्ष को अनावश्यक रूप से नष्ट नहीं किया गया। जहाँ कहीं वृक्ष निर्माण में बाधक बने, उन्हें काटने के स्थान पर सावधानीपूर्वक अन्य स्थानों पर प्रत्यारोपित किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ सौ से अधिक वृक्षों का सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता का स्पष्ट प्रमाण है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की अपनी परिकल्पना उनके समक्ष प्रस्तुत की, तभी यह निर्णय लिया गया कि इस योजना को शीघ्र मूर्त रूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर उसी भूमि को जनहित की इस योजना में परिवर्तित किया गया और उसी संसाधन के माध्यम से यह निर्माण संभव हो सका।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लखनऊ को भविष्य की उन्नत प्रौद्योगिकी का केंद्र बनाने की दिशा में भी कार्य प्रारंभ हो चुका है। आधुनिक तकनीकी विकास के क्षेत्र में राजधानी तीव्र गति से अग्रसर है और आने वाले समय में यह नगर उभरती प्रौद्योगिकियों का एक प्रमुख केंद्र बनकर स्थापित होगा।


उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में लखनऊ ने विकास की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि इस हरित मार्ग के प्रारंभ होने के पश्चात डालीगंज से हरदोई मार्ग क्षेत्र तक की दूरी अत्यंत कम समय में तय की जा सकेगी, जिससे नागरिकों को यातायात जाम से उल्लेखनीय राहत प्राप्त होगी।


क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा ने भी इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसके निर्माण में पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने बताया कि एक भी वृक्ष को नष्ट किए बिना लगभग एक सौ छियासठ वृक्षों का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण किया गया, जो इस परियोजना की एक विशिष्ट उपलब्धि है।
कार्यक्रम का एक अत्यंत प्रेरणादायी क्षण वह भी रहा जब इस विशाल योजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने वाले श्रमिकों को मंच पर सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों पर पुष्पवर्षा कर उनके परिश्रम और समर्पण को नमन किया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण तालियों की गूंज से गुंजायमान हो उठा।


गोमती नदी के दोनों तटों पर विकसित हो रहा यह हरित मार्ग लगभग सत्तावन किलोमीटर लंबा है और इसे चार चरणों में निर्मित किया जा रहा है। चौड़ी बहुपथीय सड़कें, हरित पट्टियाँ तथा सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था इस निर्माण को राजधानी की आधुनिक पहचान प्रदान करेंगी। इसके द्वितीय चरण के प्रारंभ होते ही लगभग दस लाख से अधिक नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होने की संभावना है।


इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य संजय सेठ, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह , एमएलसी पवन सिंह चौहान,, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान,विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, विधायक ओपी श्रीवास्तव, विधायक योगेश शुक्ला, विधायक डॉ नीरज बोरा,सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


गोमती तट पर प्रवाहित हुई यह विकासधारा केवल एक मार्ग का निर्माण नहीं, बल्कि लखनऊ के उज्ज्वल भविष्य की वह सशक्त परिकल्पना है, जो आने वाले वर्षों में इस नगर को आधुनिकता, सुगमता और सामरिक सामर्थ्य के अद्वितीय संगम के रूप में प्रतिष्ठित करेगी।

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