
रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, अफवाहों से बचने की अपील — जरूरत पड़ने पर वितरण केन्द्रों पर पुलिस तैनाती के भी आदेश
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।Yogi Adityanath ने प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध और व्यवस्थित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट या भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। आमजन को समय-समय पर वास्तविक और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन और तेल कंपनियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास पर शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के उच्चाधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति का विस्तृत आकलन कर रहे थे। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर रसोई गैस की कृत्रिम कमी उत्पन्न होने की स्थिति बिल्कुल नहीं बननी चाहिए। जिन उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर रिफिल उपलब्ध कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि गैस उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी स्पष्ट रूप से दी जाए, ताकि अनावश्यक भीड़ अथवा भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कुछ तत्वों द्वारा अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित कर आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की दहशत फैलाने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई गैस वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केन्द्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो और वितरण कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।
बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूर्णतः सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन भी आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस केरोसिन को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सुरक्षित रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार उसका संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधनों से संवाद स्थापित कर उन्हें आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जनपद की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, जिला पूर्ति अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति बाधित न होने पाए और आमजन को समयबद्ध एवं सुचारु रूप से सिलेंडर उपलब्ध हो सके।
