दैनिक इंडिया न्यूज, मऊ।
जनपद में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि मानक विहीन वाहनों का पंजीयन एवं परमिट निरस्त किया जाएगा। एआरटीओ सुहैल अहमद के अनुसार, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल (UPISVMP) विकसित किया गया है, जिस पर सभी स्कूलों को ऑनबोर्ड कर उनके वाहनों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार जैसे अवकाश के दिन भी कार्यालय खुला रखकर निरीक्षण कार्य जारी रहा। जांच के दौरान स्कूली वाहनों में अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों—जैसे सीसीटीवी, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार, स्कूल का नाम, परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर तथा रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप—की गहन पड़ताल की गई।
निरीक्षण में जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके सुधार हेतु संबंधित स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया। साथ ही वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होगी। रविवार को कुल 10 स्कूली वाहनों की जांच कर उनका डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया, जबकि तीन वाहनों का फिटनेस परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया गया।
इस अभियान में प्रधान सहायक महमूद अहमद, तारा सिंह चौहान, आनन्द कुमार सिंह एवं कनिष्ठ सहायक अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा—नियमों का पालन ही अब संचालन की पहली शर्त है।