वियतनामी मास्टर्स भारतीय प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को देंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
दैनिक इंडिया न्यूज़ | लखनऊ
वोवीनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा वर्ल्ड वोवीनाम फेडरेशन (WVVF) के तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय "मास्टर्स नेशनल टेक्निकल ट्रेनिंग कैंप" का शुभारंभ सोमवार को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के इंडोर हॉल में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन सदस्य परिषद के मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान, कुलपति अजय तनेजा, एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग तथा महासचिव शंकर महाबले ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों ने विश्वप्रसिद्ध वियतनामी मार्शल आर्ट वोवीनाम के संस्थापक महान गुरु नगुएन लोक (Nguyen Loc) के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान का स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि वोवीनाम केवल एक युद्धकला नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, मानसिक दृढ़ता, शारीरिक संतुलन तथा नैतिक मूल्यों का समन्वित दर्शन है, जो व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) से मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण शिविर में देश के 21 राज्यों से आए वरिष्ठ खिलाड़ी, प्रशिक्षक तथा तकनीकी अधिकारी भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को खेल की नवीनतम तकनीकों, उन्नत प्रशिक्षण पद्धतियों, प्रतियोगी रणनीतियों तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों से अवगत कराना है, जिससे भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें वियतनाम से पधारे वर्ल्ड वोवीनाम फेडरेशन की टेक्निकल कमेटी के निदेशक मास्टर Huynh Khac Nguyen तथा टेक्निकल कोच मास्टर Pham Chi Thinh प्रत्यक्ष रूप से प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। दोनों अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ प्रतिभागियों को उन्नत आत्मरक्षा तकनीकों, प्रतियोगिता नियमों, रेफरीइंग मानकों, तकनीकी मूल्यांकन प्रणाली तथा आधुनिक खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण पद्धतियों का व्यावहारिक ज्ञान देंगे।

आयोजकों के अनुसार नवंबर माह में कंबोडिया में आयोजित होने वाली एशियाई वोवीनाम चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण शिविर विशेष महत्व रखता है। शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता, गति, संतुलन, सामरिक सोच तथा प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इससे भारतीय खिलाड़ियों को आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की दिशा में महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के उच्चस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर न केवल खिलाड़ियों की क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं, बल्कि भारत में वोवीनाम खेल के विस्तार और उसकी वैश्विक पहचान को भी सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। यह आयोजन भारतीय मार्शल आर्ट समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां अनुभव, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का अद्वितीय संगम देखने को मिल रहा है।