


दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। राष्ट्र के भविष्य को नशे की भयावह गिरफ्त से मुक्त कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा प्रारम्भ किए गए 'नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान' ने रविवार को देशभर में एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का स्वरूप धारण कर लिया। 28 हजार से अधिक स्थानों पर आयोजित इस महाअभियान में एक करोड़ से अधिक युवाओं ने सहभागिता कर नशामुक्त भारत का संकल्प लिया। आध्यात्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा औद्योगिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से प्रारम्भ हुए इस अभियान ने स्पष्ट संकेत दिया कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का राष्ट्रीय अभियान है।

इसी राष्ट्रीय चेतना के क्रम में लखनऊ भी पीछे नहीं रहा। यहां तराई बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, संस्कृत भारती के पूर्व क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख एवं राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह, राष्ट्रीय युवा संगठन के अध्यक्ष दुर्गेश, मेरा युवा भारत के डिप्टी डायरेक्टर अनुराग यादव, वारियर्स डिफेंस कॉलेज एवं एकेडमी के अध्यक्ष गुलाब सिंह तथा उनके मार्गदर्शन में उपस्थित हजारों छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त भारत की सामूहिक शपथ लेकर इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम का वातावरण केवल शपथ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व और आत्मानुशासन का जीवंत संदेश बन गया।

कार्यक्रम में अपने उद्बोधन के दौरान राजेश्वर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और राष्ट्रीय आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की सामूहिक शक्ति का भी विनाश करता है। उन्होंने युवाओं से सभी प्रकार के मादक पदार्थों से पूर्णतः विरक्त रहने तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ जीवन अपनाने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित युवाओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने विचारों से कार्यक्रम को वैचारिक गहराई प्रदान की। उन्होंने कहा कि आज नशे का स्वरूप केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों का अनियंत्रित एवं अनावश्यक उपयोग भी युवा पीढ़ी की मानसिक क्षमता, बौद्धिक एकाग्रता और आध्यात्मिक चेतना को कमजोर कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वास्तविक नशामुक्ति का अर्थ है—ऐसी प्रत्येक प्रवृत्ति से स्वयं को मुक्त करना जो व्यक्ति की प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति उसके दायित्व को क्षीण करती हो। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे संयम, स्वाध्याय, संस्कार और सेवा को जीवन का आधार बनाकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

दुर्गेश ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक आह्वान को जन-जन तक पहुँचाना युवाओं का नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से आग्रह किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। वहीं मेरा युवा भारत के डिप्टी डायरेक्टर अनुराग यादव ने केंद्र सरकार की ओर से प्राप्त सम्मान-ट्रॉफी प्रदान कर जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं गुलाब सिंह को नशामुक्त भारत अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान कार्यक्रम का भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण बन गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा किसी भी युवा की प्रतिभा, उसके परिवार की आशाओं और राष्ट्र की संभावनाओं का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को संकल्प लेना होगा कि वह ड्रग्स और हर प्रकार के नशे के खतरे को समझे, दूसरों को जागरूक करे और स्वयं इससे सदैव दूर रहे। प्रधानमंत्री ने बताया कि काशी से प्रारम्भ हुआ इस अभियान का पायलट प्रोजेक्ट अब राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है, जिसमें 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि काशी घोषणा (काशी डिक्लेरेशन) के माध्यम से तैयार रोडमैप के आधार पर अब आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार कला, संस्कृति, अध्यात्म, सेवा और जनजागरण के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश देश के प्रत्येक कोने तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये 100 रविवार केवल अभियान नहीं, बल्कि विकसित भारत की ओर बढ़ते हुए 100 सशक्त कदम होंगे।
अपने भावनात्मक संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं को चेताया कि नशा केवल शरीर को नहीं, बल्कि एक माँ के सपनों को तोड़ देता है, एक बहन को उसके भाई से दूर कर देता है और पूरे परिवार की खुशियों को निगल जाता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और समाज को भी इस अभिशाप से मुक्त कराने में अग्रणी भूमिका निभाएं।

लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देकर समाप्त हुआ कि जब शासन की दूरदर्शी नीति, सामाजिक संगठनों की प्रतिबद्धता, आध्यात्मिक संस्थाओं की प्रेरणा और युवाशक्ति का संकल्प एक साथ खड़ा होता है, तब कोई भी सामाजिक बुराई अधिक समय तक टिक नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय अभियान को स्थानीय स्तर पर जितेन्द्र प्रताप सिंह, राजेश्वर सिंह, गुलाब सिंह, दुर्गेश, अनुराग यादव तथा हजारों युवाओं की सहभागिता ने यह विश्वास और मजबूत किया कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे सशक्त नींव बनेंगे।