वियतनामी मास्टर्स ने तलवारबाजी, लाठी संचालन और आत्मरक्षा कौशल के गुर सिखाए

दैनिक इंडिया न्यूज़ 3 जून 2026 लखनऊ।वोवीनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षण का अनूठा अनुभव प्राप्त हुआ। वियतनाम से आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को युद्धकला की उन उन्नत तकनीकों से परिचित कराया, जो आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक खेलों और प्रभावी आत्मरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती हैं।
शिविर में वर्ल्ड वोवीनाम फेडरेशन की तकनीकी समिति के निदेशक मास्टर नुगुएन हक तथा तकनीकी प्रशिक्षक मास्टर फैम चि ने देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों को वियतनामी तलवारबाजी, पारंपरिक लाठी संचालन, सामरिक आक्रमण एवं प्रतिरक्षा कौशल तथा आत्मरक्षा की उच्च स्तरीय तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण सत्रों में तकनीकी शुद्धता, गति, संतुलन, प्रतिक्रिया क्षमता और मानसिक एकाग्रता पर विशेष बल दिया गया।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि आधुनिक मार्शल आर्ट केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि रणनीतिक सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और आत्मनियंत्रण का भी समन्वय है। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों ने विभिन्न तकनीकी अभ्यासों के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मक परिस्थितियों में प्रदर्शन को बेहतर बनाने की विधियां सीखीं।
वोवीनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि यह विशेष तकनीकी प्रशिक्षण शिविर 7 जून तक संचालित होगा, जिसमें खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ बनाना तथा उन्हें वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रशिक्षण शिविर के समापन के उपरांत मास्टर्स चैंपियनशिप तथा बेल्ट ग्रेडेशन अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों की तकनीकी क्षमता, प्रदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह आयोजन भारतीय वोवीनाम समुदाय के लिए न केवल तकनीकी उन्नयन का अवसर है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्कृति और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
खेल जगत के जानकारों के अनुसार वियतनामी विशेषज्ञों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर भारतीय वोवीनाम खिलाड़ियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।