दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडवीया के लखनऊ आगमन के अवसर पर वोवीनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश कलारीपयट्टू एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव प्रवीण गर्ग ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उनसे शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न खेल विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे तथा उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी उपस्थित रहे।
भेंट के दौरान देश में खेल संस्कृति को सुदृढ़ बनाने, खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न खेल योजनाओं एवं आगामी कार्यक्रमों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
प्रवीण गर्ग ने केंद्रीय खेल मंत्री को अवगत कराया कि आगामी दिसंबर माह में लखनऊ में कलारीपयट्टू राष्ट्रीय विद्यालयी प्रतियोगिता का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता हेतु केंद्रीय मंत्री को औपचारिक आमंत्रण भी प्रदान किया।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि मेघालय में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में कलारीपयट्टू को पुनः पदक (मेडल) स्पर्धा के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश में ओलंपिक खेलों के अतिरिक्त भारत की पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल विधाओं को भी व्यापक मान्यता एवं प्रोत्साहन दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि गोवा राष्ट्रीय खेलों में कलारीपयट्टू पदक स्पर्धा का हिस्सा रह चुका है तथा खेलो इंडिया यूथ गेम्स में वर्ष 2017 से इसे पदक स्पर्धा के रूप में शामिल किया गया है।
प्रवीण गर्ग ने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से मान्यता प्राप्त वोवीनाम मार्शल आर्ट को भारत में शीघ्र आधिकारिक मान्यता प्रदान किए जाने की भी मांग रखी। इस पर केंद्रीय खेल मंत्रालय की ओर से अवगत कराया गया कि नए राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कोड के लागू होने के उपरांत गठित बोर्ड द्वारा इस विषय पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
यह भेंट स्वदेशी खेलों के संरक्षण, संवर्धन एवं खिलाड़ियों के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।