फिनिश लाइन से पहले बदला पूरा मुकाबला, श्रावणी सांगले की तूफानी एंकर लेग ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक स्वर्ण
दैनिक इंडिया न्यूज़ न्यू दिल्ली। ऑर्डोस (चीन)। फिनिश लाइन करीब थी, चीन बढ़त पर था और घरेलू दर्शकों की निगाहें मेजबान टीम के स्वर्ण पर टिकी थीं। लेकिन भारतीय धाविका श्रावणी सचिन सांगले ने आखिरी चरण में मुकाबले का पूरा रुख बदल दिया। अंतिम कुछ मीटर में उन्होंने रफ्तार का ऐसा विस्फोट किया कि चीन की बढ़त देखते ही देखते खत्म हो गई। फिनिश लाइन पर भारत आगे था—महज 0.10 सेकंड के अंतर से।
भारत ने पहली एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मिश्रित 4×400 मीटर रिले में 3 मिनट 18.64 सेकंड का समय दर्ज कर स्वर्ण पदक जीत लिया। मेजबान चीन की टीम 3:18.74 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही।
मुकाबले का सबसे रोमांचक क्षण अंतिम लेग में आया। भारत की ओर से एंकर की भूमिका निभा रहीं श्रावणी जब बैटन लेकर दौड़ीं, तब चीन की धाविका आगे थी। अंतर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन श्रावणी ने शुरुआती हिस्से में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे फासला कम करना शुरू किया। अंतिम स्ट्रेट में उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और चीन की धाविका को पीछे छोड़ते हुए भारत को बढ़त दिला दी।
फिनिशिंग टाइम ने रोमांच को और बढ़ा दिया। भारत और चीन के बीच अंतर सिर्फ एक सेकंड का दसवां हिस्सा था। यही बेहद मामूली अंतर भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण और चीन के लिए रजत पदक के बीच निर्णायक साबित हुआ।
भारतीय स्वर्णिम चौकड़ी में अस्तिक प्रधान, सैंड्रामोल साबू, सेतु मिश्रा और श्रावणी सचिन सांगले शामिल थीं। इस जीत ने उद्घाटन एशियन यू23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को मिश्रित 4×400 मीटर रिले का पहला स्वर्ण दिलाया।
यह सिर्फ 4×400 मीटर की एक रेस नहीं थी। यह उस क्षण की कहानी थी जब जीत लगभग हाथ से निकलती दिख रही थी और भारत ने आखिरी सांस तक मुकाबला जारी रखा। चीन की धरती पर, मेजबान टीम के सामने और सिर्फ 0.10 सेकंड के अंतर से मिली यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार तस्वीर बन गई।
एक बैटन, आखिरी लेग और कुछ निर्णायक मीटर—यहीं से भारत की ऐतिहासिक स्वर्ण कहानी लिखी गई। 🇮🇳🥇