ब्रेकिंग न्यूज़
आखिरी 30 मीटर में भारत की बाजी! चीन को 0.10 सेकंड से पछाड़कर रचा इतिहास | अच्छी ड्राइविंग पर कम बीमा प्रीमियम का विचार : गडकरी | 100 वेंटिलेटर, मरीजों के लिए सिर्फ 38! बाकी 62 की क्षमता आखिर कहां अटकी? | 21 लाख की ट्रॉली से खुला बड़ा सवाल: रायबरेली में आपात बिजली व्यवस्था की फाइल कहां अटकी? | अजय दीप सिंह के उद्घाटन में हॉर्नर कॉलेज लखनऊ में लौटीं परंपरागत खेलों की धड़कन | कलारीपट्टू जनपदीय प्रतियोगिता में काली चरण इंटर कॉलेज शीर्ष पर | यूपी में स्वदेशी अर्थव्यवस्था का नया खाका! उद्यमिता आयोग से स्वदेशी मेले तक, सरकार के सामने 5 बड़े प्रस्ताव | स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ अव्वल, महापौर और नगर निगम टीम को बधाई | आखिरी 30 मीटर में भारत की बाजी! चीन को 0.10 सेकंड से पछाड़कर रचा इतिहास | अच्छी ड्राइविंग पर कम बीमा प्रीमियम का विचार : गडकरी | 100 वेंटिलेटर, मरीजों के लिए सिर्फ 38! बाकी 62 की क्षमता आखिर कहां अटकी? | 21 लाख की ट्रॉली से खुला बड़ा सवाल: रायबरेली में आपात बिजली व्यवस्था की फाइल कहां अटकी? | अजय दीप सिंह के उद्घाटन में हॉर्नर कॉलेज लखनऊ में लौटीं परंपरागत खेलों की धड़कन | कलारीपट्टू जनपदीय प्रतियोगिता में काली चरण इंटर कॉलेज शीर्ष पर | यूपी में स्वदेशी अर्थव्यवस्था का नया खाका! उद्यमिता आयोग से स्वदेशी मेले तक, सरकार के सामने 5 बड़े प्रस्ताव | स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ अव्वल, महापौर और नगर निगम टीम को बधाई |
हाइलाइट न्यूज़
त्रिवेणी संगम में राष्ट्र उत्थान का संकल्प! सनातन की लहर के साथ भारत विश्वगुरु बनने को तैयार- राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले सीएम, इलाज में मदद को जाएगा डीएम का फोन राष्ट्र रोने वालों को इतिहास नहीं याद रखता, निर्माता अमृतकाल लिखते हैं”-सुधांशु त्रिवेदी केयर हेल्थ बीमा कम्पनी हर व्यक्ति को हेल्थ बीमा देना चाहती है : साहिल चड्ढा डी.ए.वी. महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव ‘अभिव्यक्ति–2026’ में साहित्यिक विभूति अशोक वाजपेयी का गरिमामय आगमन रचनात्मकता, विद्वत्ता और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत समागम भगवान नरसिंह जी की होलिकोत्सव शोभायात्रा के अवसर पर सीएम योगी का जनता को संबोधन कोरोना वैक्सीनेशन का प्रतिशत जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है,कोरोना वैरिएंट कमजोर होता हुआ दिखाई दे रहा:सीएम होली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं- राजेश त्रिवेणी संगम में राष्ट्र उत्थान का संकल्प! सनातन की लहर के साथ भारत विश्वगुरु बनने को तैयार- राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले सीएम, इलाज में मदद को जाएगा डीएम का फोन राष्ट्र रोने वालों को इतिहास नहीं याद रखता, निर्माता अमृतकाल लिखते हैं”-सुधांशु त्रिवेदी केयर हेल्थ बीमा कम्पनी हर व्यक्ति को हेल्थ बीमा देना चाहती है : साहिल चड्ढा डी.ए.वी. महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव ‘अभिव्यक्ति–2026’ में साहित्यिक विभूति अशोक वाजपेयी का गरिमामय आगमन रचनात्मकता, विद्वत्ता और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत समागम भगवान नरसिंह जी की होलिकोत्सव शोभायात्रा के अवसर पर सीएम योगी का जनता को संबोधन कोरोना वैक्सीनेशन का प्रतिशत जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है,कोरोना वैरिएंट कमजोर होता हुआ दिखाई दे रहा:सीएम होली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं- राजेश
खेल ब्रेकिंग हिन्दी

आखिरी 30 मीटर में भारत की बाजी! चीन को 0.10 सेकंड से पछाड़कर रचा इतिहास

D

Dainik India News

8219 views

फिनिश लाइन से पहले बदला पूरा मुकाबला, श्रावणी सांगले की तूफानी एंकर लेग ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक स्वर्ण

दैनिक इंडिया न्यूज़ न्यू दिल्ली। ऑर्डोस  (चीन)। फिनिश लाइन करीब थी, चीन बढ़त पर था और घरेलू दर्शकों की निगाहें मेजबान टीम के स्वर्ण पर टिकी थीं। लेकिन भारतीय धाविका श्रावणी सचिन सांगले ने आखिरी चरण में मुकाबले का पूरा रुख बदल दिया। अंतिम कुछ मीटर में उन्होंने रफ्तार का ऐसा विस्फोट किया कि चीन की बढ़त देखते ही देखते खत्म हो गई। फिनिश लाइन पर भारत आगे था—महज 0.10 सेकंड के अंतर से।

भारत ने पहली एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मिश्रित 4×400 मीटर रिले में 3 मिनट 18.64 सेकंड का समय दर्ज कर स्वर्ण पदक जीत लिया। मेजबान चीन की टीम 3:18.74 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही।

मुकाबले का सबसे रोमांचक क्षण अंतिम लेग में आया। भारत की ओर से एंकर की भूमिका निभा रहीं श्रावणी जब बैटन लेकर दौड़ीं, तब चीन की धाविका आगे थी। अंतर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन श्रावणी ने शुरुआती हिस्से में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे फासला कम करना शुरू किया। अंतिम स्ट्रेट में उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और चीन की धाविका को पीछे छोड़ते हुए भारत को बढ़त दिला दी।

फिनिशिंग टाइम ने रोमांच को और बढ़ा दिया। भारत और चीन के बीच अंतर सिर्फ एक सेकंड का दसवां हिस्सा था। यही बेहद मामूली अंतर भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण और चीन के लिए रजत पदक के बीच निर्णायक साबित हुआ।

भारतीय स्वर्णिम चौकड़ी में अस्तिक प्रधान, सैंड्रामोल साबू, सेतु मिश्रा और श्रावणी सचिन सांगले शामिल थीं। इस जीत ने उद्घाटन एशियन यू23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को मिश्रित 4×400 मीटर रिले का पहला स्वर्ण दिलाया।

यह सिर्फ 4×400 मीटर की एक रेस नहीं थी। यह उस क्षण की कहानी थी जब जीत लगभग हाथ से निकलती दिख रही थी और भारत ने आखिरी सांस तक मुकाबला जारी रखा। चीन की धरती पर, मेजबान टीम के सामने और सिर्फ 0.10 सेकंड के अंतर से मिली यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार तस्वीर बन गई।

एक बैटन, आखिरी लेग और कुछ निर्णायक मीटर—यहीं से भारत की ऐतिहासिक स्वर्ण कहानी लिखी गई। 🇮🇳🥇

वीडियो

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!