भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने नेतन्याहू को सुनाई फ्लाईदुबई विमान के भीतर की खौफनाक कहानी; बोले—“मेरे अंदर एक आखिरी लड़ाई बाकी थी”, इजरायली प्रधानमंत्री ने बताया भारत, इजरायल और दुनिया का नायक
दैनिक इंडिया न्यूज, नई दिल्ली। कुछ मिनट पहले तक सब कुछ सामान्य था। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 आसमान में अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। कॉकपिट में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार और उनके ओमानी सह-पायलट मौजूद थे। फिर अचानक एक ऐसा घटनाक्रम शुरू हुआ, जिसने विमान में सवार सैकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। अब अस्पताल में उपचार करा रहे भारतीय कप्तान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में उस भयावह घटनाक्रम की पूरी कहानी बताई है। मच्छार के मुताबिक सह-पायलट ने पहले नमाज पढ़ने की बात कही। वह पीछे की ओर मुड़कर प्रार्थना करने लगा और कप्तान ने सम्मानवश सामने की ओर देखना जारी रखा। करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। उन्हें पहले लगा कि विमान को कोई गंभीर क्षति हुई है, लेकिन जब वार लगातार होते गए तो उन्हें समझ आया कि खतरा विमान से नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद उनके साथी से है।
वार इतने लगातार और गंभीर थे कि मच्छार की नजर धुंधली पड़ गई। उसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उनकी अपनी हालत बिगड़ रही थी, लेकिन संकट सिर्फ उनकी जिंदगी तक सीमित नहीं था—विमान में सैकड़ों यात्रियों की जान दांव पर लगी थी। मच्छार ने नेतन्याहू को बताया कि उन्हें घटनाक्रम के सभी क्षण पूरी तरह याद नहीं हैं, लेकिन इतना स्पष्ट था कि अगर कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुला तो परिणाम भयावह हो सकता है। उन्होंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह फिर बंद हो गया। घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिरने के बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत जुटाई और दोबारा दरवाजे तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोल दिया और बाहर मौजूद लोगों को भीतर आने का अवसर मिला।
यही वह क्षण था जिसने पूरी घटना की दिशा बदल दी। यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य लोगों ने कॉकपिट में प्रवेश कर सह-पायलट को नियंत्रण से हटाया। एक यात्री यानिव हयून ने बाद में बताया कि जब वह कॉकपिट में पहुंचे तो कप्तान घायल अवस्था में फर्श पर पड़े थे, जबकि सह-पायलट विमान के नियंत्रण के पास था। हयून और अन्य लोगों ने मिलकर उसे काबू में किया। इस दौरान विमान की स्थिति भी बेहद गंभीर हो चुकी थी। बाद में विमान ने सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विमान में 182 लोग सवार थे और इस घटनाक्रम ने विमान को गंभीर संकट में डाल दिया था।
नेतन्याहू से बातचीत में मच्छार ने जिस वाक्य से उस भयावह क्षण को बयान किया, उसने पूरी घटना को एक अलग अर्थ दे दिया। उन्होंने कहा कि उनके भीतर “एक आखिरी लड़ाई बाकी थी”। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाकर दरवाजे तक पहुंचने और उसे खोलने का प्रयास किया, क्योंकि अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें लगता था कि उनकी मौत हो जाएगी। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद लोगों ने स्थिति संभालने की कोशिश की और विमान को बचाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
इस घटना के बाद भारतीय कप्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मच्छार से फोन पर बातचीत करते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की और उन्हें भारत, इजरायल तथा पूरी दुनिया का नायक बताया। नेतन्याहू ने मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमंत्रित करने की बात भी कही तथा मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
घटना में घायल भारतीय कप्तान फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। दूसरी ओर, ओमानी सह-पायलट हमम अल-हम्मामी के खिलाफ जांच जारी है। संयुक्त अरब अमीरात ने घटना को आतंकवादी हमला बताया है और विभिन्न देशों की एजेंसियां उसके संभावित उद्देश्य तथा पृष्ठभूमि की जांच कर रही हैं। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार जांच में सह-पायलट के पूर्व रिकॉर्ड और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर भी सवाल उठे हैं, हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और हमले की अंतिम मंशा पर निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—अगर उस क्षण घायल कप्तान ने अपनी बची हुई ताकत से कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता तो क्या होता? इसका निश्चित जवाब किसी के पास नहीं है। इतना जरूर है कि आसमान में उड़ रहे एक विमान के भीतर कुछ मिनटों के उस संघर्ष ने कप्तान स्मित मच्छार को ऐसी परिस्थिति के सामने खड़ा कर दिया, जहां उन्हें एक साथ अपनी जिंदगी, विमान और उसमें सवार लोगों की जिंदगी के लिए लड़ना पड़ा। उनकी अपनी जुबानी बताई गई यह कहानी अब उस उड़ान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी है।