सीएम योगी बोले- डबल इंजन सरकार ने बदली कुशीनगर की तस्वीर, युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर
दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ।कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशीनगर वैदिक एवं रामायण कालीन गौरवशाली विरासत का साक्षी होने के साथ-साथ भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली तथा 24वें जैन तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की पावन भूमि है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के पुत्र कुश से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों के कारण भी कुशीनगर का विशेष महत्व है। यहां के युवा ऊर्जावान और राष्ट्रभक्त हैं, किसान परिश्रमपूर्वक कृषि कार्य कर रहे हैं तथा माताएं-बहनें भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुशीनगर आज विकास की राह पर "बुलेट स्पीड" से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को कुशीनगर में 424 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 278 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, स्वीकृति-पत्र, प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी तथा टूलकिट वितरित की। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कुशीनगर की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रदेश में विकास की नई धारा प्रवाहित हुई। डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है कि कुशीनगर में लगभग 90 हजार गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है, जबकि 3.14 लाख से अधिक परिवारों को शौचालय की सुविधा मिली है। गरीबों को निःशुल्क राशन और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित हो चुके हैं। नए विमान संचालन शुरू होने के बाद यहां की वायु सेवाओं का और अधिक विस्तार होगा। इसी शैक्षणिक सत्र से कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का संचालन भी प्रारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में गन्ने का मूल्य 315 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया है और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी से जूझने वाला कुशीनगर आज इस समस्या से लगभग मुक्त हो चुका है। प्रदेश में निकलने वाली सरकारी नौकरियों में कुशीनगर के युवा बड़ी संख्या में चयनित हो रहे हैं। पुलिस भर्ती और विभिन्न निवेश परियोजनाओं के माध्यम से भी युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट विकास विजन है और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता के कारण योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि फाजिलनगर का नाम बदलकर "पावागढ़" करने का प्रस्ताव सरकार ने भेज दिया है। इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत पर गर्व करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लगभग एक दशक पहले कुशीनगर की पहचान पिछड़ेपन, बीमारी, अपराध और माफिया राज से जुड़ी हुई थी। जापानी इंसेफेलाइटिस के कारण मासूम बच्चों की जान जाती थी, किसानों को गन्ने की पर्ची और भुगतान के लिए संघर्ष करना पड़ता था तथा सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। युवाओं के सामने रोजगार का संकट था।
उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों और मेलों के दौरान तनाव और दंगों का वातावरण बन जाता था, लेकिन आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। सुरक्षा, सुशासन और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक चेहरे पर मुस्कान, प्रत्येक बेटी को सुरक्षा, प्रत्येक नौजवान को रोजगार, प्रत्येक खेत को पानी और प्रत्येक किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना है। प्रदेश में तेजी से सड़कें, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जिससे विकास को नई गति मिल रही है।
उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद यह कार्य डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में साकार हुआ। आज की अयोध्या आधुनिकता और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम बन चुकी है। उन्होंने भगवान बुद्ध और भगवान महावीर के जीवन से जुड़े कुशीनगर और पावानगर के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जनसेवा का माध्यम है और सरकार विकास की प्रत्येक पाई का हिसाब रखती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुशीनगर अब विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ेगा और कोई भी इसकी प्रगति में बाधा नहीं डाल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश, कनेक्टिविटी और कौशल विकास को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होगी और विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम को सांसद शशांक मणि, सांसद रवि किशन शुक्ल, विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा तथा डॉ. असीम कुमार राय ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।