दैनिक इंडिया न्यूज | मऊ।मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर आधारित विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन करते हुए उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा जनपद की रैंकिंग में सुधार के लिए पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली घर योजना तथा छात्रवृत्ति योजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी एक विभाग की कमजोर कार्यप्रणाली से पूरे जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है, इसलिए योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
कृषि विभाग की समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि एक ही व्यक्ति को बार-बार लाभ न मिले। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सभी पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए गए।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता को बिना कारण बिजली कटौती न करने की सख्त हिदायत देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जानबूझकर विद्युत आपूर्ति बाधित किए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निर्माणाधीन सरकारी भवनों की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं फैमिली आईडी अभियान की समीक्षा में सभी खंड विकास अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर शेष परिवारों की फैमिली आईडी शीघ्र तैयार कराने के निर्देश दिए गए।
ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने प्रेरणा एप पर विद्यालय निरीक्षण का डाटा समयबद्ध रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर 'डी' श्रेणी में शामिल विभागों की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सभी विभाग नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रभावी कार्ययोजना के माध्यम से 'ए' श्रेणी में आने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा डैशबोर्ड की निरंतर समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर जनपद की रैंकिंग तय होती है। इसलिए किसी भी स्थिति में जनपद की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
बैठक में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण सुभाष चंद्र सरोज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय, डीसी मनरेगा राजीव कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी सुशील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।