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भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान

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भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान


चरित्रवान पीढ़ी के निर्माण का राष्ट्रीय अभियान तेज, बाल संस्कारशाला संचालकों ने लिया जन-जागरण का संकल्प

 दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ । अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में बाल संस्कारशालाओं के सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी संचालन, गुणात्मक अभिवृद्धि तथा व्यापक विस्तार के पावन उद्देश्य से बाल संस्कारशाला संचालकों का एक गरिमामय, प्रेरणाप्रद एवं चिंतनोन्मुख महासमागम संपन्न हुआ। कार्यक्रम को आदरणीय गोपाल ओझा (भाई साहब) के दूरदर्शी मार्गदर्शन, आत्मीय संरक्षण एवं सतत प्रेरणा ने विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की। उपस्थित समस्त संचालकों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके प्रति गहन श्रद्धाभाव एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके प्रेरक नेतृत्व को बाल संस्कारशाला अभियान की अमूल्य शक्ति बताया।

समागम में लखनऊ महानगर के विविध क्षेत्रों से लगभग 40 बाल संस्कारशाला संचालकों ने उत्साह, समर्पण एवं दायित्वबोध के साथ सहभागिता कर बाल-संस्कार संवर्धन के विविध आयामों पर गंभीर मंथन किया। विचार-विमर्श के केंद्र में संस्कारशालाओं का नियमित एवं अनुशासित संचालन, बालकों के व्यक्तित्व में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना एवं राष्ट्रीय चरित्र का समावेश, शिक्षण की गुणात्मक उत्कृष्टता तथा प्रत्येक गली, मोहल्ले एवं ग्राम तक संस्कारशालाओं के सुनियोजित विस्तार जैसे अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषय रहे।

संचालकों द्वारा प्रस्तुत अनुभवों, नवोन्मेषी सुझावों एवं व्यावहारिक अनुशीलनों ने यह स्पष्ट किया कि बाल संस्कारशालाएँ केवल शिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि सुसंस्कारित, चरित्रवान, राष्ट्रनिष्ठ एवं उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण की सशक्त प्रयोगशाला हैं। वक्ताओं ने बलपूर्वक कहा कि वर्तमान सामाजिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में बाल संस्कारशालाओं का सुदृढ़ीकरण समय की अनिवार्य आवश्यकता है तथा यह अभियान भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रभावी आधार बन सकता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर वशिष्ठ बाल संस्कारशाला के संचालक इंद्रेश मिश्र ने समस्त संचालकों, वरिष्ठजनों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उनके अमूल्य मार्गदर्शन, सक्रिय सहभागिता एवं सतत सहयोग के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की। समस्त उपस्थित जनों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाकर संस्कार, संस्कृति, नैतिकता एवं राष्ट्रचेतना से संपन्न नई पीढ़ी के निर्माण हेतु पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं सतत सक्रियता के साथ कार्य करेंगे।

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