एक चूक, कई जिंदगियां तबाह: घोसी में पुलिस जीप हादसा, ड्यूटी पर तैनात जवान ने गंवाई जान
दैनिक इंडिया न्यूज, मऊ।
मऊ जनपद के घोसी कोतवाली क्षेत्र में बीती रात एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया। गोरखपुर–मऊ हाईवे पर बनियापार तिराहे के पास रात्रि गश्त पर निकली पुलिस टीम की जीप को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पुलिस जीप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। कुछ ही पलों में वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का मंजर बन गया।
इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल प्रीतम कुमार यादव, हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव और पीआरडी जवान ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी पहुंचाया गया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल मऊ रेफर कर दिया गया।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था…
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव जिंदगी की जंग हार गए। उनकी शहादत की खबर सुनते ही पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। वाराणसी निवासी पवन कुमार यादव अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए। जैसे ही यह खबर उनके घर पहुंची, मातम छा गया—परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, हर आंख नम है।
एक पल में बुझ गया घर का चिराग…
जिस बेटे पर परिवार को गर्व था, जो हर दिन दूसरों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालता था, आज वही खुद इस दुनिया को अलविदा कह गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआईजी सुनील कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सीओ घोसी जितेंद्र सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस ने अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाने वाला एक कड़वा सच है।
अगर ट्रैफिक व्यवस्था में सख्ती के साथ-साथ चालकों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए, उनके अंदर संयम, सतर्कता, मानसिक दृढ़ता और सुरक्षा मानकों के प्रति अनुशासन विकसित किया जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है—बल्कि पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा सकते हैं। इसमें सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि समाज, सामाजिक संगठन और समाजसेवी संस्थाओं को भी आगे आकर जागरूकता फैलानी होगी।
सड़क पर चलते समय हमारी एक छोटी सी लापरवाही, एक क्षण की गलती, न जाने कितने घरों के चिराग बुझा देती है…
कितने परिवार उजड़ जाते हैं, कितनी जिंदगियां हमेशा के लिए बदल जाती हैं।
यह खबर एक चेतावनी है—सड़क पर हर कदम जिम्मेदारी के साथ रखें, क्योंकि आपकी सावधानी ही किसी के जीवन की सुरक्षा बन सकती है।