ब्रेकिंग न्यूज़
यूपी की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल: विभाग बदले, चेहरे घुमाए, सवाल वही रहे | रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट | पीजीआईसीएच में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदल रही बाल-चिकित्सा की तस्वीर : जितेंद्र प्रताप सिंह | जागृति’ के संदेश के साथ 79वें संत समागम की सेवा का शुभारंभ | ₹1.04 करोड़ के भूमि मुआवजे पर गहराता विवाद, बैनामे से दाखिल-खारिज तक उठे गंभीर प्रश्न | Child AIIMS Noida’s Pediatric Healthcare Expansion Gains Momentum: Courtesy Meeting Between Dr. A.K. Singh and Jitendra Pratap Singh | राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने श्रीमती सत्यवती मिश्रा को दी विनम्र श्रद्धांजलि | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरा भोजपुरी समाज, श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश | यूपी की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल: विभाग बदले, चेहरे घुमाए, सवाल वही रहे | रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट | पीजीआईसीएच में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदल रही बाल-चिकित्सा की तस्वीर : जितेंद्र प्रताप सिंह | जागृति’ के संदेश के साथ 79वें संत समागम की सेवा का शुभारंभ | ₹1.04 करोड़ के भूमि मुआवजे पर गहराता विवाद, बैनामे से दाखिल-खारिज तक उठे गंभीर प्रश्न | Child AIIMS Noida’s Pediatric Healthcare Expansion Gains Momentum: Courtesy Meeting Between Dr. A.K. Singh and Jitendra Pratap Singh | राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने श्रीमती सत्यवती मिश्रा को दी विनम्र श्रद्धांजलि | मोदी के जन्मदिन पर गोमती तट पर उतरा भोजपुरी समाज, श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश |
हाइलाइट न्यूज़
प्राइवेट स्कूलों की फीस पर हाइकोर्ट सख्त, जल्द फैसला ले सरकार एक शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की एक टेम्पो वाहन बरामद सुंदरता और शारीरिक आकृति बेहतर करने में सहायक सप्लीमेंट सीआरएस पोर्टल हैक कर बनाए हजारों फर्जी प्रमाणपत्र यात्री की सूझबूझ और 112 की तत्परता से टली बड़ी परेशानी अधिवक्ताओं व समाजसेवियों को जिला जज ने किया सम्मानित होली पर्व को लेकर हुई शांति समिति की बैठक गणपति स्वीट्स का घमंड और अभद्रता पहुँची चरम पर, ₹15 में समोसा खरीदा तो चटनी मांगने पर मिली तिरस्कार की भाषा प्राइवेट स्कूलों की फीस पर हाइकोर्ट सख्त, जल्द फैसला ले सरकार एक शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की एक टेम्पो वाहन बरामद सुंदरता और शारीरिक आकृति बेहतर करने में सहायक सप्लीमेंट सीआरएस पोर्टल हैक कर बनाए हजारों फर्जी प्रमाणपत्र यात्री की सूझबूझ और 112 की तत्परता से टली बड़ी परेशानी अधिवक्ताओं व समाजसेवियों को जिला जज ने किया सम्मानित होली पर्व को लेकर हुई शांति समिति की बैठक गणपति स्वीट्स का घमंड और अभद्रता पहुँची चरम पर, ₹15 में समोसा खरीदा तो चटनी मांगने पर मिली तिरस्कार की भाषा
Astrology English

संस्कृतभारती प्रबोधन वर्ग : चतुर्थ दिवस का सत्र दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत प्रारंभ

D

Dainik India News

11318 views
संस्कृतभारती प्रबोधन वर्ग : चतुर्थ दिवस का सत्र दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत प्रारंभ

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।संस्कृतभारती अवधप्रांत एवं कर्णपुर प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृतभारती न्यास अवधप्रांत के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं वर्गाधिकारी श्री धर्मेन्द्र सिंह तोमर द्वारा वैदिक परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर सत्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।


इस प्रबोधन वर्ग के सुचारु एवं प्रभावशाली संचालन में पं० श्यामलेष जी, अवधप्रांत के प्रांत मंत्री श्री अनिल कुमार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री प्रमोद पंडित के अथक प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। उनके सतत मार्गदर्शन और संगठनात्मक दक्षता के परिणामस्वरूप प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित छात्र-छात्राओं के मन में संस्कृत भाषा के प्रति उत्साह, अनुराग एवं उन्नयन की तीव्र जिज्ञासा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

प्रशिक्षणार्थियों ने संस्कृत शिक्षण को आत्मसात करने की दृढ़ अभिलाषा के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई।
सायंकालीन सत्र में संस्कृतभारती अवधप्रांत के अध्यक्ष श्री चन्द्र भूषण त्रिपाठी के ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक बौद्धिक उद्बोधन से समस्त प्रतिभागी लाभान्वित हुए। उन्होंने संस्कृत भाषा को केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का आधार स्तंभ बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।


प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रदर्शित भाषा-ज्ञान के प्रति समर्पण, अनुशासन एवं जिज्ञासु भाव न केवल प्रशंसनीय रहा, बल्कि यह इस तथ्य का सशक्त प्रमाण भी बना कि संस्कृत आज भी नवपीढ़ी के लिए चेतना, चरित्र और चिंतन को परिष्कृत करने वाली जीवंत भाषा है। प्रबोधन वर्ग का यह चतुर्थ दिवस संस्कृत उन्नयन की दिशा में एक सुदृढ़ और प्रेरक सोपान सिद्ध हुआ।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!