जम्मू में होने वाली 15वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जुलाई में होगा राज्य स्तरीय चयन

दैनिक इंडिया न्यूज़, 8 जून 2026 लखनऊ। खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मसंयम और राष्ट्रनिर्माण की चेतना का सशक्त आधार है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए वियतनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार एवं प्रशिक्षण शिविर का समापन एक भव्य मास्टर्स चैंपियनशिप के साथ हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और मार्शल आर्ट कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

समापन समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा तथा पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ओ.पी. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का अभिनंदन किया। समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवा शक्ति, खेल संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के उत्सव का अनुपम संगम बन गया।
इस अवसर पर वियतनाम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने आयोजन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक मंच का यह समन्वय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव विकास कुमार, वियतनाम से विशेष रूप से आए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक मास्टर न्यूगयन हक तथा मास्टर फैम ची, प्रदेश कोषाध्यक्ष सच्चिदानंद पटेल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रतियोगिता के परिणामों ने देश के विविध राज्यों की खेल प्रतिभा को उजागर किया। मास्टर्स वर्ग की विभिन्न श्रेणियों में मणिपुर के चोंग्थम महादेव, महाराष्ट्र के महेश मोहन मोरे तथा तमिलनाडु के शिफू पांचा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन कर स्वर्णिम सफलता अर्जित की। वहीं सॉन्ग लिन मा ताओ श्रेणी में जम्मू-कश्मीर के बृजेश कुमार भाऊ ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उत्तराखंड के ऋषि कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि असम के मिलन ज्योति एवं उत्तर प्रदेश के आशीष कुमार ने कांस्य पदक जीतकर अपने राज्यों का गौरव बढ़ाया।
महिला वर्ग में भी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। सॉन्ग लिन किम स्पर्धा में मणिपुर की हिना देवी एवं पुष्पा रानी ने स्वर्ण पदक प्राप्त कर उत्कृष्टता का परिचय दिया। उत्तराखंड की हिमा भट्ट और सोनू शर्मा ने रजत पदक हासिल किया, जबकि उत्तर प्रदेश की मानसी जायसवाल एवं ज्योति ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किए जाने के क्षण पूरे सभागार के लिए गौरव और उत्साह का विषय बने रहे।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायी क्षण तब आया जब विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को विशेष सम्मान प्रदान किया। कर्नाटक, राजस्थान, असम, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, तमिलनाडु तथा उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों के मध्य हुए कड़े मुकाबलों के उपरांत उत्तर प्रदेश के सनी कुमार और लकी सिंह को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए ₹51,000 की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। इस घोषणा के साथ ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 20 अगस्त से जम्मू में आयोजित होने वाली 15वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। इसके लिए 17 एवं 18 जुलाई को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
समारोह के अंत में यह स्पष्ट दिखाई दिया कि खेल केवल पदकों की प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाला आंदोलन है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उत्सव बना, बल्कि भारत की विविधता में निहित एकता, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना का भी सशक्त प्रतीक सिद्ध हुआ।