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केजीएमयू के 121 साल के इतिहास में पहली बार—प्रो. सोनिया नित्यानंद की ‘दूसरी पारी’ पर मुहर

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Dainik India News

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केजीएमयू के 121 साल के इतिहास में पहली बार—प्रो. सोनिया नित्यानंद की ‘दूसरी पारी’ पर मुहर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने तीन वर्ष के द्वितीय कार्यकाल के लिए किया पुनर्नियुक्त; उपलब्धियों की विरासत के साथ अब नई चुनौतियों की अग्निपरीक्षा, जितेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दी शुभकामनाएं

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दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के 121 वर्ष पुराने इतिहास में पहली बार किसी कुलपति को लगातार दूसरी पारी मिली है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. सोनिया नित्यानंद को तीन वर्ष के द्वितीय कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया है। इस निर्णय ने जहां केजीएमयू के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय अंकित किया है, वहीं प्रो. नित्यानंद के प्रथम कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ अब उनके सामने अपेक्षाओं का कहीं अधिक विस्तृत क्षितिज भी खोल दिया है।

प्रो. सोनिया नित्यानंद के लिए यह पुनर्नियुक्ति केवल दायित्व की पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि उनके प्रथम कार्यकाल में किए गए कार्यों पर संस्थागत विश्वास की निरंतरता के रूप में देखी जा रही है। केजीएमयू से उनकी अकादमिक यात्रा का संबंध पुराना है और कुलपति के रूप में उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक गुणवत्ता, चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान तथा अत्याधुनिक उपचार पद्धतियों के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए हैं।

इसी अवधि में केजीएमयू को नैक की ए++ मान्यता प्राप्त हुई और चिकित्सा शिक्षा तथा उन्नत उपचार के क्षेत्र में संस्थान की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सुदृढ़ हुई। रोबोटिक सर्जरी, अंग प्रत्यारोपण तथा आधुनिक चिकित्सा अधिसंरचना के विस्तार ने भी संस्थान की क्षमताओं को नई दिशा दी। इन उपलब्धियों के बीच दूसरी पारी का सबसे बड़ा प्रश्न अब यह है कि क्या पहले कार्यकाल की उपलब्धियों को संस्थागत उत्कृष्टता के अगले सोपान तक पहुंचाया जा सकेगा?

क्योंकि दूसरी पारी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। प्रतिदिन हजारों मरीजों का बढ़ता दबाव, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता, अत्याधुनिक जांच सुविधाओं में प्रतीक्षा, निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर-2, अग्निसुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था और अनुसंधान के विस्तार जैसे विषय तत्काल ध्यान की अपेक्षा करते हैं। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा, प्रिसीजन मेडिसिन और अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा को व्यापक स्वरूप देना भी भविष्य की महत्वपूर्ण दिशाओं में शामिल है।

इसी ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रो. सोनिया नित्यानंद से भेंट कर उन्हें पुष्पगुच्छ अर्पित किया और द्वितीय कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो. नित्यानंद अपने अनुभव, प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शी दृष्टिकोण से केजीएमयू की चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा रोगी सेवाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी।

जितेंद्र प्रताप सिंह ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्णय का भी स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी ऐतिहासिक चिकित्सा संस्थान को अनुभवी नेतृत्व की निरंतरता मिलना उसके दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है और प्रो. नित्यानंद के दूसरे कार्यकाल से केजीएमयू की उपलब्धियों को और व्यापक आयाम मिलने की अपेक्षा है।

अब इस दूसरी पारी की असली कसौटी सामने है—क्या केजीएमयू अपनी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा से आगे बढ़कर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और जनसेवा का ऐसा मानदंड स्थापित करेगा, जिसे देश के अन्य चिकित्सा संस्थान भी अनुकरणीय मानें? यही वह प्रश्न है, जिसके उत्तर पर प्रो. सोनिया नित्यानंद के दूसरे कार्यकाल की दिशा और उपलब्धियों की नई कहानी निर्भर करेगी।

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