ब्रेकिंग न्यूज़
सशक्त संचार, सशक्त पुलिस: 936 नए प्रधान परिचालकों से यूपी पुलिस को मिली नई धार | “सत्ता से साधना तक: पिता-पुत्री की आस्था यात्रा ने रचा भावनाओं का अलौकिक इतिहास” | भागवत-शरणागति : निष्कपट समर्पण की अन्तर्धारा से ब्रह्मानुभूति की परमावस्था | भागवत-शरणागति : निष्कपट-समर्पण से पाप-प्रक्षालन और ब्रह्म-विलयन की परमावस्था | स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रकरण: विद्युत निगम पर अवमानना की तलवार, उपभोक्ता अधिकारों के हनन का गंभीर आरोप | गो-सम्भ्रम के राष्ट्रीय पुनरुत्थान का घोष: इस्कॉन लखनऊ की दिव्य पहल से प्रशासनिक तंत्र भी उद्वेलित | गुरु-शरणागति से अद्वैत-साक्षात्कार तक: वेदांत का परम रहस्य और साधना का शिखर | मधुबन में विकास कार्य ठप: खड़ंजा उखाड़े जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जनता ने CM योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार | सशक्त संचार, सशक्त पुलिस: 936 नए प्रधान परिचालकों से यूपी पुलिस को मिली नई धार | “सत्ता से साधना तक: पिता-पुत्री की आस्था यात्रा ने रचा भावनाओं का अलौकिक इतिहास” | भागवत-शरणागति : निष्कपट समर्पण की अन्तर्धारा से ब्रह्मानुभूति की परमावस्था | भागवत-शरणागति : निष्कपट-समर्पण से पाप-प्रक्षालन और ब्रह्म-विलयन की परमावस्था | स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रकरण: विद्युत निगम पर अवमानना की तलवार, उपभोक्ता अधिकारों के हनन का गंभीर आरोप | गो-सम्भ्रम के राष्ट्रीय पुनरुत्थान का घोष: इस्कॉन लखनऊ की दिव्य पहल से प्रशासनिक तंत्र भी उद्वेलित | गुरु-शरणागति से अद्वैत-साक्षात्कार तक: वेदांत का परम रहस्य और साधना का शिखर | मधुबन में विकास कार्य ठप: खड़ंजा उखाड़े जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जनता ने CM योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार |
हाइलाइट न्यूज़
"हर बच्चे के लिए हर अधिकार" कैंपेन की हुई शुरुआत  रंग, उमंग और आत्मीयता के संग भाजपा परिवार ने मनाया होली का उत्सव गुजरात सरकार के मंत्री जगदीश विश्वकर्मा बने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम नें माह जनवरी2022 प्रथम चरण में अनाज बांटने का ब्यौरा जारी किया पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को न्यालय से मिली जमानत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मनरेगा कार्यों, गौ संरक्षण केंद्रों, पंचायती राज विभाग के कार्यों एवं कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक संपन्न राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित हरदोई प्रशासन की आंखों में झोंक कर धूल दिए जा रहे बनेज्ञ पक्के मकान वालों को आवास "हर बच्चे के लिए हर अधिकार" कैंपेन की हुई शुरुआत  रंग, उमंग और आत्मीयता के संग भाजपा परिवार ने मनाया होली का उत्सव गुजरात सरकार के मंत्री जगदीश विश्वकर्मा बने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी शुभकामनाएं जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम नें माह जनवरी2022 प्रथम चरण में अनाज बांटने का ब्यौरा जारी किया पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को न्यालय से मिली जमानत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मनरेगा कार्यों, गौ संरक्षण केंद्रों, पंचायती राज विभाग के कार्यों एवं कायाकल्प योजना की समीक्षा बैठक संपन्न राष्ट्रीय एक्यूपंक्चर दिवस पर विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित हरदोई प्रशासन की आंखों में झोंक कर धूल दिए जा रहे बनेज्ञ पक्के मकान वालों को आवास
ताज़ा खबर ब्रेकिंग हिन्दी

सशक्त संचार, सशक्त पुलिस: 936 नए प्रधान परिचालकों से यूपी पुलिस को मिली नई धार

पारदर्शी भर्ती से ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ की ओर ऐतिहासिक कदम, 25 करोड़ जनता की सुरक्षा में तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत

D

Dainik India News

29 views
सशक्त संचार, सशक्त पुलिस: 936 नए प्रधान परिचालकों से यूपी पुलिस को मिली नई धार

 

Article image

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि “कम्युनिकेशन किसी भी व्यवस्था की जीवनरेखा है।” उन्होंने कहा कि संचार जितना सुदृढ़ होगा, पुलिस और सुरक्षा बल उतने ही सक्षम, त्वरित और सटीक कार्रवाई करने में समर्थ होंगे—और यही आमजन को वास्तविक राहत प्रदान करता है। इसी दृष्टि से उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में 936 नए प्रधान परिचालकों का चयन केवल एक भर्ती नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग की नींव को और मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय है।

Article image

कार्यक्रम का वातावरण उस समय और अधिक ऊर्जावान हो उठा, जब मुख्यमंत्री ने स्वयं 10 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इससे पहले विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु फिल्म ने यह संदेश दिया कि तकनीक और समर्पण का संगम ही सुरक्षा व्यवस्था को अजेय बनाता है। यह केवल नियुक्ति-पत्र वितरण नहीं था, बल्कि एक नए युग की शुरुआत का उद्घोष था—जहां संचार तकनीक अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार बनने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और आरक्षण के मानकों के अनुरूप संपन्न हुई है—जहां चयन केवल योग्यता और क्षमता के आधार पर हुआ। उन्होंने नवचयनित कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 8 माह का प्रशिक्षण उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा, जिसमें वे साधारण वॉकी-टॉकी से लेकर अत्याधुनिक संचार प्रणालियों तक की गहन जानकारी प्राप्त करेंगे। यही प्रशिक्षण उन्हें “स्मार्ट पुलिसिंग” के वास्तविक योद्धा के रूप में स्थापित करेगा।

लेकिन यह केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं है—मुख्यमंत्री ने एक गहरी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि “एक पुलिसकर्मी का सबसे बड़ा हथियार उसकी शारीरिक और मानसिक फिटनेस होती है।” जब तक पुलिस बल पूरी तरह स्वस्थ, सजग और अनुशासित नहीं होगा, तब तक वह समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं कर सकता। यह संदेश केवल सलाह नहीं, बल्कि एक अनुशासनात्मक मंत्र था, जो हर नवचयनित अभ्यर्थी के मन में गूंजता रहा।

यहीं से कहानी एक बड़े परिवर्तन की ओर मुड़ती है—एक ऐसा परिवर्तन, जिसने उत्तर प्रदेश की छवि को पूरी तरह बदल दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत 9 वर्षों में 2 लाख 20 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती कर प्रदेश ने एक नया इतिहास रचा है। जहां कभी 3,000 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता थी, वहीं आज 60,244 आरक्षियों का प्रशिक्षण एक साथ प्रदेश में ही संपन्न होना, इस परिवर्तन की जीवंत मिसाल है। यह आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की सशक्त कहानी हैं।

मुख्यमंत्री ने अतीत की व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष प्रहार करते हुए कहा कि एक समय था जब निष्पक्ष भर्ती केवल कल्पना लगती थी, लेकिन आज यदि किसी में क्षमता है, तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को यह भी स्मरण कराया कि जिस पारदर्शिता से उन्हें अवसर मिला है, उसी ईमानदारी से उन्हें राष्ट्र की सेवा करनी होगी—क्योंकि यही विकसित भारत के सपने को साकार करने की असली कुंजी है, जिसका विजन नरेंद्र मोदी ने देश को दिया है।

कहानी यहीं समाप्त नहीं होती—बल्कि आगे और भी प्रेरक हो जाती है। प्रदेश में पुलिस ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां पहले पुलिस लाइन, भवन और बैरकों का अभाव था, वहीं आज 55 जनपदों में आधुनिक हाई-राइज बैरक, मॉडल थाने और नए फायर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। एसएसएफ और एसडीआरएफ जैसी विशेष इकाइयों का गठन, और महिला सशक्तिकरण की दिशा में पीएसी की तीन नई महिला बटालियन—यह सब एक नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुका है।

इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश ने फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट, ‘ए’ ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट्स और निर्माणाधीन 6 नई लैब्स के साथ-साथ हर जनपद में मोबाइल फॉरेंसिक लैब की तैनाती—यह दर्शाता है कि अब अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल बल से नहीं, बल्कि विज्ञान और साक्ष्यों के आधार पर लड़ी जा रही है।

और अंततः, मुख्यमंत्री ने उस व्यापक दृष्टिकोण को सामने रखा, जो इस पूरी पहल का मूल है। उन्होंने कहा कि कानून का राज ही विकास की पहली गारंटी है—और यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश, जो कभी “बीमारू राज्य” की श्रेणी में गिना जाता था, अब देश की आर्थिक प्रगति का “ग्रोथ इंजन” बन चुका है। बड़े निवेशकों का प्रदेश की ओर आकर्षित होना इस परिवर्तन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

यह कार्यक्रम केवल नियुक्तियों का समारोह नहीं था—यह एक ऐसे उत्तर प्रदेश की कहानी थी, जो तकनीक, पारदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति के सहारे न केवल अपनी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि पूरे देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और अधिक बढ़ा दिया। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के महानिदेशक आशुतोष पाण्डेय, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) संजय प्रसाद, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक एस.बी. शिराडकर तथा अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय डॉ. संजीव गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने इस महत्वपूर्ण आयोजन को और अधिक गरिमामयी एवं ऐतिहासिक बना दिया।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!