ब्रेकिंग न्यूज़
तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* | तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* |
हाइलाइट न्यूज़
प्रदेश के अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को आयोडाइज्ड नमक, दाल/साबुत चना, खाद्य तेल एवं खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण आने वाले एक वर्ष में 30लाख जीएसटी पंजीकरण करने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री रिश्वतखोर लेखपाल करवा रहे मरघट में अवैध कब्जा और फसल 2 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार राम के पदचिह्नों पर चलकर बदलें इतिहास: साध्वी ऋतम्भरा पीएम मोदी ने किया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, बोले- कुशीनगर बौद्ध समाज की आस्था, प्रेरणा का केंद्र चिकित्सकों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान : जितेंद्र प्रताप सिंह अक्षत वितरण समारोह महादेव शाखा द्वारा महानगर मे आयोजित-जेपी सिंह प्रदेश के अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को आयोडाइज्ड नमक, दाल/साबुत चना, खाद्य तेल एवं खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण आने वाले एक वर्ष में 30लाख जीएसटी पंजीकरण करने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री रिश्वतखोर लेखपाल करवा रहे मरघट में अवैध कब्जा और फसल 2 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार राम के पदचिह्नों पर चलकर बदलें इतिहास: साध्वी ऋतम्भरा पीएम मोदी ने किया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, बोले- कुशीनगर बौद्ध समाज की आस्था, प्रेरणा का केंद्र चिकित्सकों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान : जितेंद्र प्रताप सिंह अक्षत वितरण समारोह महादेव शाखा द्वारा महानगर मे आयोजित-जेपी सिंह
मनोरंजन English

संस्कृतभारती प्रबोधन वर्ग : चतुर्थ दिवस का सत्र दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत प्रारंभ

D

Dainik India News

44 views
संस्कृतभारती प्रबोधन वर्ग : चतुर्थ दिवस का सत्र दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत प्रारंभ

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।संस्कृतभारती अवधप्रांत एवं कर्णपुर प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृतभारती न्यास अवधप्रांत के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं वर्गाधिकारी श्री धर्मेन्द्र सिंह तोमर द्वारा वैदिक परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर सत्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।


इस प्रबोधन वर्ग के सुचारु एवं प्रभावशाली संचालन में पं० श्यामलेष जी, अवधप्रांत के प्रांत मंत्री श्री अनिल कुमार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री प्रमोद पंडित के अथक प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। उनके सतत मार्गदर्शन और संगठनात्मक दक्षता के परिणामस्वरूप प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित छात्र-छात्राओं के मन में संस्कृत भाषा के प्रति उत्साह, अनुराग एवं उन्नयन की तीव्र जिज्ञासा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। प्रशिक्षणार्थियों ने संस्कृत शिक्षण को आत्मसात करने की दृढ़ अभिलाषा के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई।
सायंकालीन सत्र में संस्कृतभारती अवधप्रांत के अध्यक्ष श्री चन्द्र भूषण त्रिपाठी के ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक बौद्धिक उद्बोधन से समस्त प्रतिभागी लाभान्वित हुए। उन्होंने संस्कृत भाषा को केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन-दर्शन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना का आधार स्तंभ बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।


प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रदर्शित भाषा-ज्ञान के प्रति समर्पण, अनुशासन एवं जिज्ञासु भाव न केवल प्रशंसनीय रहा, बल्कि यह इस तथ्य का सशक्त प्रमाण भी बना कि संस्कृत आज भी नवपीढ़ी के लिए चेतना, चरित्र और चिंतन को परिष्कृत करने वाली जीवंत भाषा है। प्रबोधन वर्ग का यह चतुर्थ दिवस संस्कृत उन्नयन की दिशा में एक सुदृढ़ और प्रेरक सोपान सिद्ध हुआ।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!