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2023 तक पूरा हो जाएगा भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाइवे: नितिन गडकरी

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2023 तक पूरा हो जाएगा भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाइवे: नितिन गडकरी

हरिंद्र सिंह/डीडी इंडिया

भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग आसियान देशों के बीच परिवहन कूटनीति का केंद्र बिंदु है। यह राजमार्ग भारत से शुरू होकर म्यांमार होते हुए थाईलैंड तक जाता है। इस राजमार्ग का भारत में इंफाल-मोरे खंड अपनी संकल्पना के करीब दो दशक बाद वर्ष 2023 तक पूरा होने की संभावना है। यह उम्मीद की गई थी कि इस अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग के जरिये भारत और अन्य आसियान देशों के बीच व्यापार संभव हो सकेगा।
एक अधिकारी ने कहा, 'राजमार्ग का एक टुकड़ा हो गया है और दो अन्य पर काम शुरू होगा। हमें उम्मीद है कि इंफाल-मोरे खंड 2-3 साल में पूरा हो जाएगा।' इस राजमार्ग खंड के लिए धन एशियाई विकास बैंक ने मुहैया कराया है।

'पूर्व की तरफ देखो' नीति के तहत इस परियोजना की योजना 2002 में बनाई गई। परियोजना का मकसद इन तीन देशों के बीच व्यापार, कारोबार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन संबंधों को बढ़ावा देना था। यह राजमार्ग भारत के मोरे को म्यांमार होते हुए थाईलैंड के माई सोट से जोड़ेगा। पूर्व सड़क सचिव विजय छिब्बर ने कहा कि इस सोच को मूर्त रूप देने पर कई दशकों से काम चल रहा था, लेकिन इसके क्रियान्वयन में सामान्य से अधिक समय लगा है। छिब्बर ने कहा, 'सबसे पहले यह परियोजना सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपी गई, जिसने 72 पुलों का निर्माण करने में करीब 10 साल ले लिए। बाद में इसे एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम) को सौंपा गया।' उन्होंने कहा कि म्यांमार भी प्रस्तावित राजमाार्ग के लिए सड़क परिवहन समझौतों पर हस्ताक्षर करने का थोड़ा अनिच्छुक था।

इन समझौतों से इस त्रिपक्षीय राजमार्ग पर माल के उचित दस्तावेज और अवरोध रहित आवाजाही सुनिश्चित होगी। सड़क बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना इसलिए अहम है क्योंकि राजमार्ग के जरिये माल की आवाजाही में बंदरगाह के जरिये माल की आवाजाही की तुलना में दो-तिहाई समय लगता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस त्रिपक्षीय राजमार्ग की मदद से म्यांमार के जरिये बड़े आसियान बाजार में पहुंचा जा सकता है। क्रिसिल इन्फ्रास्ट्रक्चर एडवाइजरी के निदेशक (परिवहन) जगन्नारायण पद्मनाभन ने कहा, 'पूर्व की तरफ देखो नीति के तहत यह परियोजना उत्तर पूर्वी राज्यों को न केवल व्यापार के लिहाज से जोड़ेगी बल्कि उन्हें अपनी उपज उन पड़ोसी देशों में बेचने में मदद करेगी, जिनके साथ भारत का सामाजिक-सांंस्कृतिक संबंध है।'

उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क भौतिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक अहम उन्नति है। साथ ही, सीमा पार माल एवं सेवाओं की सुगम आवाजाही से कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस त्रिपक्षीय राजमार्ग के अलावा केंद्र सरकार उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में सड़क संपर्क बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इससे बिना किसी रुकावट के राजमार्ग के जरिये भारतीय सुदूरवर्ती इलाकों से थाईलैंड तक जाया जा सकेगा, जिससे व्यापार और पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा होगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मणिपुर में सड़क संपर्क मार्ग सुधारने के लिए इस साल अगस्त में 13 राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया था, जिन पर करीब 3,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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