राष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार की जानकारी से प्रभावित हुए रक्षा मंत्री, एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय खिलाड़ियों को दी शुभकामनाएं

दैनिक इंडिया न्यूज़,06 जून 2026,लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों अंतरराष्ट्रीय स्तर के मार्शल आर्ट प्रशिक्षण का केंद्र बने ख्वाजा मोइनुद्दीन भाषा विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार की गूंज शनिवार को कालिदास मार्ग स्थित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास तक पहुंची। अपने तीन दिवसीय लखनऊ प्रवास के दौरान रक्षा मंत्री ने वोवीनाम मार्शल आर्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल से आत्मीय भेंट कर न केवल इस खेल की प्रगति की जानकारी प्राप्त की, बल्कि भारत और वियतनाम के बीच खेल एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक संकेत भी दिए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में ख्वाजा मोइनुद्दीन भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा, वर्ल्ड वोवीनाम फेडरेशन की टेक्निकल कमेटी के डायरेक्टर मास्टर हुईन खैक गुयेन, वियतनाम के वरिष्ठ प्रशिक्षक मास्टर फाम ची थिन्ह, राष्ट्रीय महासचिव शंकर महाबले (महाराष्ट्र), टेक्निकल डायरेक्टर देवेन मोएरंथम (मणिपुर), संयुक्त सचिव विनोद लखेरा, बृजेश कुमार भाऊ (जम्मू-कश्मीर), ऋषि पाल भारती, देवेंद्र सिंह रावत तथा विनम्र गर्ग शामिल रहे। यह प्रतिनिधिमंडल केवल खिलाड़ियों का समूह नहीं था, बल्कि भारत में वोवीनाम के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर रहा था।
भेंट के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने रक्षा मंत्री को लखनऊ में चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय तकनीकी सेमिनार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के 21 राज्यों से आए वरिष्ठ खिलाड़ी, कोच और मास्टर्स वियतनाम से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की प्रत्यक्ष देखरेख में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण शिविर भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वोवीनाम फेडरेशन के मार्गदर्शन में लखनऊ में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर न केवल खेल प्रतिभाओं को निखार रहा है, बल्कि भारत और वियतनाम के मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब वोवीनाम राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है और यह भारतीय युवाओं के लिए अनुशासन, आत्मविश्वास तथा शारीरिक दक्षता का उत्कृष्ट माध्यम बन सकता है।
रक्षा मंत्री ने अपने वियतनाम प्रवास की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि वहां उन्होंने वियतनामी मार्शल आर्ट की अद्भुत तकनीक, अनुशासन और सांस्कृतिक गहराई को निकट से देखा था। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि देशों के बीच विश्वास, मित्रता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रभावी सेतु भी होता है। उनके इन शब्दों ने उपस्थित प्रतिनिधियों और खिलाड़ियों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।
राजनाथ सिंह ने आश्वस्त किया कि भारत में वोवीनाम के व्यापक प्रचार-प्रसार और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने आगामी नवंबर में कंबोडिया में आयोजित होने वाली एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री को पुष्पगुच्छ, वोवीनाम अंगवस्त्र तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। भेंट का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब वर्ल्ड वोवीनाम फेडरेशन के टेक्निकल कमेटी डायरेक्टर मास्टर हुईन खैक गुयेन ने वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव तो लाम के साथ रक्षा मंत्री की पूर्व भेंट का विशेष चित्र स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किया। इस अनूठे उपहार ने दोनों देशों के बीच बढ़ती आत्मीयता और सम्मान के भाव को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया।
उल्लेखनीय है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन भाषा विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण सेमिनार में देशभर से आए खिलाड़ी और प्रशिक्षक वियतनामी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारतीय वोवीनाम आंदोलन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जो आने वाले वर्षों में भारत को एशियाई और विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक बनेगा।