ब्रेकिंग न्यूज़
छात्र आंदोलन के दबाव में बड़ा फैसला: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, अब न्यायिक जांच की मांग तेज | क्या छात्रों के आंदोलन की आड़ में होगा बड़ा राजनीतिक फेरबदल? धर्मेंद्र प्रधान पर बढ़ते दबाव के बीच नई चर्चाओं का दौर | व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: आदर्श व्यापारी एसोसिएशन की पहल पर डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद ने दिए त्वरित निर्देश | ₹68.22 करोड़ की विकास क्रांति से बदलेगा लखनऊ का चेहरा | जब स्वबोध खो जाता है, तब राष्ट्र का पथ अवरुद्ध हो जाता है-डॉ कृष्ण गोपाल | जब लोकतंत्र अपनी ही संतानों की आवाज़ नहीं सुनता… | जिसने कहा था—"दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे", उसी अमर क्रांतिनायक चन्द्रशेखर आजाद को राष्ट्र का नमन | दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ में वकीलों का प्रदर्शन | छात्र आंदोलन के दबाव में बड़ा फैसला: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, अब न्यायिक जांच की मांग तेज | क्या छात्रों के आंदोलन की आड़ में होगा बड़ा राजनीतिक फेरबदल? धर्मेंद्र प्रधान पर बढ़ते दबाव के बीच नई चर्चाओं का दौर | व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: आदर्श व्यापारी एसोसिएशन की पहल पर डीसीपी नॉर्थ अमित आनंद ने दिए त्वरित निर्देश | ₹68.22 करोड़ की विकास क्रांति से बदलेगा लखनऊ का चेहरा | जब स्वबोध खो जाता है, तब राष्ट्र का पथ अवरुद्ध हो जाता है-डॉ कृष्ण गोपाल | जब लोकतंत्र अपनी ही संतानों की आवाज़ नहीं सुनता… | जिसने कहा था—"दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे", उसी अमर क्रांतिनायक चन्द्रशेखर आजाद को राष्ट्र का नमन | दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में लखनऊ में वकीलों का प्रदर्शन |
हाइलाइट न्यूज़
भारत के कोविड प्रबन्धन में जीवन एवं जीविका दोनों के बचाव का पूरा प्रबन्ध किया गया, जिसकी सराहना पूरी दुनिया में हुई: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने इन 7 दिग्गज नेताओं को दिया मंत्रिमंडल में स्थान, पढ़िए सब में क्या है खूबियां - 04 किग्रा 500 ग्राम गांजा के साथ एक अभियुक्ता गिरफ्तार अधिकारी दें ध्यान, लोग न हों परेशान : सीएम योगी <em>दोहरे हत्याकांड पर पारा गांव में छाया मातम: दो दो लाशे देख कांप उठा कलेजा, रो पड़ा पूरा गांव, मोहल्ले में नहीं जले चूल्हे</em> लखनऊ में सीखें बेहतरीन ड्राइविंग, हिमालय मोटर ट्रेनिंग स्कूल दे रहा खास सुविधा मुख्यमंत्री ने जनपद लखीमपुर खीरी में घाघरा नदी में नाव पलटने से लोगों के डूबने की दुर्घटना का संज्ञान लिया जिला प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिये <em>पैरामेडिकल स्टाफ चिकित्सा व्यवस्था की मेरुदंड</em> : <em>CM YOGI</em> भारत के कोविड प्रबन्धन में जीवन एवं जीविका दोनों के बचाव का पूरा प्रबन्ध किया गया, जिसकी सराहना पूरी दुनिया में हुई: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने इन 7 दिग्गज नेताओं को दिया मंत्रिमंडल में स्थान, पढ़िए सब में क्या है खूबियां - 04 किग्रा 500 ग्राम गांजा के साथ एक अभियुक्ता गिरफ्तार अधिकारी दें ध्यान, लोग न हों परेशान : सीएम योगी <em>दोहरे हत्याकांड पर पारा गांव में छाया मातम: दो दो लाशे देख कांप उठा कलेजा, रो पड़ा पूरा गांव, मोहल्ले में नहीं जले चूल्हे</em> लखनऊ में सीखें बेहतरीन ड्राइविंग, हिमालय मोटर ट्रेनिंग स्कूल दे रहा खास सुविधा मुख्यमंत्री ने जनपद लखीमपुर खीरी में घाघरा नदी में नाव पलटने से लोगों के डूबने की दुर्घटना का संज्ञान लिया जिला प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिये <em>पैरामेडिकल स्टाफ चिकित्सा व्यवस्था की मेरुदंड</em> : <em>CM YOGI</em>
स्वास्थ्य English

कोविड डेथ की नई गाइडलाइन कोविड होने के 30 दिन के अंदर होने वाली मौत कोविड डेथ माना जायेगा

D

Dainik India News

26 views

हरिंद्र सिंह/डीडी इंडिया न्यूज

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सूचित किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने COVID-19 से मरने वालों के संबंध में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समान दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।

इससे पहले 3 सितंबर को SC ने दिशानिर्देश तैयार करने में देरी को लेकर केंद्र सरकार की खिंचाई की थी और उसे एक और मौका दिया था.

क्या हैं दिशा निर्देश ?

11 सितंबर को केंद्र सरकार द्वारा दायर एक हलफनामे के हवाले से 'लाइव लॉ' ने रिपोर्ट प्रकाशित की कि सरकार की तरफ से कोविड-19 विशेष मृत्यु प्रमाण पत्र तभी जारी किया जाएगा जब मृत व्यक्ति निम्न तरीकों से COVID-19 पॉजिटिव पाया गया हो.

आरटी-पीसीआर टेस्ट या रैपिड-एंटीजन टेस्ट

मोलेक्यूलर टेस्ट

अस्पतालों में जांच के माध्यम से चिकित्सकीय रूप से निर्धारित हो

इलाज करने वाले चिकित्सक के इन-पेसेंट फैसिलिटी में

हालांकि अगर किसी मरीज की मौत जहर, आत्महत्या, हत्या और दुर्घटना से हुई हो ,भले ही वह COVID-19 पॉजिटिव भी हो, तो इसे आधिकारिक तौर पर COVID-19 वायरस से मौत नहीं माना जाएगा.

इसके अतिरिक्त दिशानिर्देश के मुताबिक ऐसे मामलों में जहां रोगी की मौत या तो अस्पताल में या घर पर हुई हो और जहां फॉर्म 4 और 4 ए में 'मृत्यु के कारण का मेडिकल सर्टिफिकेट' जारी किया गया हो (जैसा कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण (आरबीडी) अधिनियम, 1969 की धारा 10 के मुताबिक आवश्यक है) - उस केस को COVID-19 से मौत माना जाएगा.
दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड पॉजिटिव टेस्ट किये जाने या "कोविड -19 मामले के रूप में चिकित्सकीय रूप से निर्धारित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर होने वाली मौतों को 'COVID ​​​​-19 के कारण होने वाली मौतों' के रूप में माना जाएगा, चाहे मौत अस्पताल/इन-पेशेंट सुविधा के बाहर हुई हो"

ऐसे मामलों में जहां मृत्यु के कारण का मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है या जहां मृतक के परिजन सर्टिफिकेट में मृत्यु के कारण से संतुष्ट नहीं हैं, उस केस में मामले को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा गठित जिला स्तरीय समिति के सामने उठाया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी याचिका

एडवोकेट गौरव कुमार बंसल और दीपक कंसल ने कोविड-19 के कारण मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने और डेथ सर्टिफिकेट के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने इसमें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 12 के सबंध में गृह मंत्रालय के पत्र का हवाला दिया था।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!