उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिल भारतीय प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रबंधकीय सदस्यों को किया सम्मानित; सुरक्षित कारोबारी माहौल की सराहना, उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का संकल्प

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) की गोष्ठी के बाद प्लास्टिक उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच संवाद ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं को नई दिशा दी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें अंगवस्त्र तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। इस आत्मीय मुलाकात में उद्योग, निवेश और उत्तर प्रदेश में अनुकूल कारोबारी वातावरण को लेकर विभिन्न विषयों पर सार्थक विमर्श हुआ।

उपमुख्यमंत्री से भेंट करने वालों में ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरविंद मेहता, विपिन देसाई, संजीव देसाई, मयूर देसाई, संस्कृत भारती के संपर्क प्रमुख, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र, जितेंद्र प्रताप सिंह तथा मेघदूत ग्रामोद्योग के चेयरमैन विमल शुक्ला शामिल रहे। उपमुख्यमंत्री की ओर से किए गए सम्मान और आत्मीय स्वागत ने मुलाकात को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर उद्योग और शासन के बीच संवाद का अवसर बना दिया।

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ की अदब और तहजीब की प्रशंसा करते हुए प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों तथा सुरक्षित कारोबारी वातावरण की सराहना की। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए आवश्यक सुविधाओं को और सुदृढ़ किए जाने पर बल दिया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से ‘प्लग एंड प्ले’ व्यवस्था को प्रभावी रूप से विकसित करने का आग्रह किया, ताकि नए निवेशकों को आधारभूत सुविधाओं और आवश्यक औद्योगिक ढांचे के लिए अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। उनका मानना रहा कि ऐसी व्यवस्था उत्तर प्रदेश में विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और नए उद्योगों की स्थापना को गति देने में सहायक हो सकती है।

बैठक के दौरान मुंबई में प्रस्तावित प्लास्टिक उद्योग प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश का विशेष पैवेलियन स्थापित किए जाने की अपेक्षा भी व्यक्त की गई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के अनुसार ऐसा मंच प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और यहां उपलब्ध विनिर्माण अवसरों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
लखनऊ में हुई इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए शासन और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बैठक में उठाए गए विभिन्न विषयों पर सकारात्मक सहमति बनी और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की दिशा में सहयोग का संकेत मिला।

अखिल भारतीय प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की यह पहल उत्तर प्रदेश के प्लास्टिक एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए संभावित निवेश अवसरों की ओर संकेत करती है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि उद्योग प्रतिनिधियों की अपेक्षाओं, विशेषकर प्लग एंड प्ले औद्योगिक ढांचे और मुंबई प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश पैवेलियन की स्थापना, को किस रूप में आगे बढ़ाया जाता है।