मामा कॉलोनी में पहुंची खाद्य सामग्री, पेयजल और दवाएं; आईआईएम रोड से हार्डिंग ब्रिज तक बंधे के लिए 182.13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।गोमती की बाढ़ से घिरे लखनऊ के दाउदनगर स्थित मामा कॉलोनी में शनिवार को राहत नावों के सहारे घर-घर पहुंची। बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, पेयजल और रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध कराया गया। राहत अभियान के साथ अब बार-बार सामने आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी पहल तेज हुई है। गोमती के बाएं किनारे पर आईआईएम रोड से हार्डिंग ब्रिज तक बंधा निर्माण के लिए 182.13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
लखनऊ के सांसद एवं केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी मुकेश शर्मा, पीआरओ पुष्कर शुक्ला और पार्षद ने मामा कॉलोनी पहुंचकर प्रभावित परिवारों से संपर्क किया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई गई नावों में राहत सामग्री लादकर जलभराव से घिरे परिवारों तक पहुंचाई गई।
परिवारों को आटा, दाल, चावल, लईय्या, बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, चीनी, नमक, सरसों का तेल, मसाले, आलू और प्याज सहित आवश्यक सामग्री निःशुल्क दी गई। इसके अलावा सेनेटरी पैड, सूती कपड़ा, नहाने और कपड़े धोने का साबुन, डिस्पोजल बैग तथा बाल्टियां भी उपलब्ध कराई गईं। राहत सामग्री सीधे घरों तक पहुंचने से प्रभावित लोगों को बाढ़ के पानी के बीच बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ी।
पेयजल के लिए क्षेत्र में टैंकर लगाए गए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कैंप संचालित किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के अस्थायी ठहराव के लिए सुसज्जित शिविर भी चलाए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया गया कि जिला प्रशासन के साथ राहत कार्य में जुटी टीम क्षेत्र में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
राहत के तत्काल इंतजामों के बीच अब नजर स्थायी समाधान की योजना पर है। स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष से गोमती के बाएं किनारे आईआईएम रोड से हार्डिंग ब्रिज तक बंधा निर्माण कराने का अनुरोध किया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए 182.13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव 2026-27 की अवस्थापना विकास कार्ययोजना में शामिल कर स्वीकृति के लिए प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को भेजा है।
राजनाथ सिंह ने कहा है कि वह इस संबंध में शीघ्र ही मुख्यमंत्री से भी अनुरोध करेंगे। प्रस्ताव पर शासन की स्वीकृति और आगे की कार्रवाई के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल बाढ़ प्रभावित मामा कॉलोनी में राहत नावों से घरों तक पहुंच रही है और स्थायी बचाव के लिए प्रस्तावित बंधे की फाइल शासन के स्तर पर पहुंच चुकी है।